मुजफ्फरपुर। सा रे गामा पा के विजेता रहे मुजफ्फरपुर की शान पार्श्व गायक ऐश्वर्य निगम ने होली के मौके पर अपनी नयी प्रस्तुति रंग दे …का प्रमोशन करते हुये कहा कि यह महज गीत नहीं एक संदेश है। क्योंकि बड़े पैमाने पर यह देखा जाता है कि होली के रंगों की आड़ में लोग हवश और वासना का वह रंग बरसाते हैं जो इस पवित्र त्यौहार को दागदार कर रहा है।
रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि होली के दौरान सर्वाधिक बलात्कार की घटना घटित होती है। ऐसे में यह गीत समाज को बूरा न मानो होली है की उक्ति से हटकर कुछ भी बूरा नहीं करने, संबंधो का आदर और प्रेम का सम्मान करने का संदेश देता है। क्योंकि होली इन रंगों की बुनियाद पर ही समाज को सौहार्द और समरसता का संदेश देती है।
निगम के के जीवन और गीत की नायिका सह गायिका दीपाली सहाय ने कहा कि यह गीत हमें हमारे दायित्व का बोध कराती है और विशेष कर नारी सम्मान का संदेश देती है जो इसकी सार्थकता है ।मौके पर गीत के कम्पोजर अजय जायसवाल, वरूण कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।



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