विधान परिषद में पार्टी विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी प्रदेश भाजपा की कमान संभालेंगे। डॉ. संजय जायसवाल की जगह उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी गई है। वह पार्टी के युवा चेहरा होंगे। उन्हीं के कार्यकाल में पार्टी लोक सभा और विधान सभा का चुनाव लड़ेगी। पेश है चौधरी से आलोक द्विवेदी की बातचीत…
Q.प्रदेश अध्यक्ष के रूप में आपके सामने 2024 का लोकसभा और 2025 का विधानसभा चुनाव है। भाजपा पहली बार दोनों चुनाव अपने बूते लड़ने जा रही है और सामने सात दल एकजुट हैं। बड़ी चुनौती है? क्या रणनीति होगी?
A. कोई चुनौती नहीं है। भाजपा की वजह से ही दूसरी पार्टियों को वोट मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को जो पहचान दिलाई है और लोगों के लिए जो काम किया है, उसकी वजह से ही 2024 और 2025 के चुनाव में केवल भाजपा ही रहेगी।
Q.क्या आप कहना चाह रहे हैं कि पीएम के चेहरे पर ही बिहार में दोनों चुनाव लड़ेंगे? आपकी कोई रणनीति नहीं होगी?
A.जी हां, पीएम मोदी ही पार्टी का चेहरा हैं। उन्हीं के काम और उन्हीं की नीतियों पर पार्टी लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ेगी। रही बात रणनीति की तो भाजपा में व्यक्ति नहीं, पार्टी रणनीति बनाती है, मेरा काम उसे बखूबी अंजाम देना, जमीन पर उतारना है ।
Q.आप राजद, जदयू के रास्ते भाजपा में आए? आपको प्रदेश की कमान सौंपे जाने से भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता नाराज नहीं होंगे? उन्हें कैसे संभालेंगे?
A.मै भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता हूं। भाजपा के निर्देशों का पालन करता हूं। ऐसे में किसी तरह का आरोप लगाना पूरी तरह से गलत है।
Q.पार्टी में अन्य भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में थे। ऐसे में आपका अध्यक्ष बनना?
A.बीच में बात को काटते हुए- भाजपा का सभी निर्णय केंद्रीय कमेटी द्वारा तय किया जाता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का कोई महत्व नहीं होता है। कमेटी द्वारा निर्णय के आधार पर किसी को जिम्मेदारी दी जाती है।
Q.भाजपा परिवारवाद का बड़ा आरोप लगाती है? आप पर भी तो यह आरोप बनता है। पिता शकुनी चौधरी, जदयू व राजद के कद्दावर नेता रहे?
A.भाजपा में परिवारवाद की कोई जगह नहीं है। सदस्य बनने के लिए भी आप को काम करना पड़ेगा।
Q.आपकी पृष्ठभूमि समाजवादी है। अचानक दक्षिणपंथ की ओर रुझान कैसे?
A. मेरे पिता और माता, दोनों ही लोगों की सेवा करते रहे हैं। उन्हीं के संस्कार हैं कि लोगों से मैं खुद जुड़ने की कोशिश करता रहा हूं। मेरी विचारधारा केवल लोगों के दुखों को दूर करने के साथ ही अधिक से अधिक लोगों की सहायता करना है। जिसके लिए मै लगातार काम करता रहा हूं।
Q.भाजपा ने आप पर बड़ा दांव खेला है? आपके बहाने कुशवाहा मतों को साधने की कोशिश है?
A.कुशवाहा मतों की बात नहीं है। भाजपा पूरे समाज को साथ लेकर चलती है। ऐसे में किसी विशेष धर्म, जाति से अलग होकर विकास का सिर्फ मुद्दा है।



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