मध्याह्न भोजन में मासूम बच्चों के स्वस्थ्य से खिलवाड़ की असलियत एक बार फिर सामने आ गई है। बोधगया प्रखंड के ईलरा गांव में संचालित मिडिल स्कूल दुलरा में मिड-डे-मील के खाने में कीड़े होने से बच्चों ने खुद भोजन करने से इनकार कर दिया है। बताया जाता है कि एक एनजीओ द्वारा स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए मिड-डे-मील तैयार कर स्कूल में भेजा गया था।
मिड-डे-मील जैसे ही बच्चों की थाली में परोसा गया, उसमें कीड़े उतराने लगे। मध्यान्ह भोजन में कीड़े निकलने से मासूम बच्चे दहशत में आ गये और इसकी सूचना प्रधानाध्यापक को दी। मौके पर पहुंचकर प्रधानाध्यापक ने मिड-डे- मील को बाहर फिंकवाया।
400 बच्चों के लिए तैयार भेजा गया भोजन
बोधगया के अधिकांश सरकारी स्कूलों में एनजीओ के द्वारा मिड डे मिल उपलब्ध करवाया जाता है। दुलरा विद्यालय के 400 छात्र-छात्राओं के लिए गुरुवार को मध्यान्ह भोजन तैयार कर भेजा गया था। मौके पर महिला थाने के द्वारा जागरुक कार्यक्रम चलाया जा रहा था। कार्यक्रम मौजुद ईलरा के मुखिया दीलिप यादव के पास छात्र-छात्राएं पहुचे और कीड़ा निकलने की शिकायत की।
मौके पर मौजूद बच्चों के अभिभावको जानकारी मिलने के साथ अभिभावक आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि एनजीओ के द्वारा मेन्यू को दरकिनार कर मासूमों को घटिया भोजन भेजा गया था। गनीमत यह रही कि मिड-डे-मील बड़े विद्यार्थियों को परोसा गया और उन्होंने कीड़े देखकर खाने से मना कर दिया।



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