Breaking News

कंपनी घाटे में दिखाकर सैलरी उठाते रहे मनीष कश्यप-मणि:6.5 लाख का नुकसान दिखाकर ‘सचतक’ से दोनों ने सैलरी के नाम पर लिए 40 लाख

जेल में बंद यूट्यूबर मनीष कश्यप और फरार चल रहे इसके साथी मणि द्विवेदी ने जिस कंपनी को पहले घाटे में दिखाया, उसी कंपनी से इन दोनों ने लाखों रुपए सैलरी के रूप में ले लिए। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में ये खुलासा हुआ है।

दरअसल, ‘सचतक’ प्राइवेट लिमिटेड इन दोनों की बनाई हुई कंपनी है। इस कंपनी में मनीष मैनेजिंग डायरेक्टर तो मणि डायरेक्टर के पद पर है। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार शातिर गिरी कर इस कंपनी को पहले 6.50 लाख रुपए के घाटे में दिखाया गया। बात 2021-22 के फाइनेंशियल ईयर की है।

इसके बाद ही इन दोनों ने अपनी सैलरी के नाम पर कंपनी से अब तक 40 लाख रुपए लिए। यह बात अब तक की छापेमारी और पड़ताल में EOU के हाथ लगे कागजातों से साबित हुई है।

रविवार को जब EOU ने ‘सचतक’ के ऑफिस में छापेमारी की थी तो उसी दरम्यान काफी सारे कागजात मिले थे। उसी दरम्यान कंपनी से जुड़े लोगों और उन्हें दी जाने वाली सैलरी को खंगाला गया।

फेसबुक और यूट्यूब से कमाई की हो रही है जांच

मनीष कश्यप और मणि द्विवेदी ने रुपयों की हेराफेरी सिर्फ अपने नाम पर ही नहीं की। इन्होंने कंपनी के स्टाफ के नाम पर भी की है। जांच में पता चला है कि 12 लाख रुपए स्टाफ की सैलरी के नाम पर कंपनी से उठाए गए हैं। इनकी कंपनी में स्टाफ की कुल संख्या क्या है? इसका पता लगाया जा रहा है। रुपयों की हेराफेरी को लेकर अब EOU कंपनी से जुड़े बैंक अकाउंट को खंगालेगी। अपनी जांच के जरिए यह भी पता करेगी कि कंपनी के अकाउंट में फेसबुक और यूट्यूब के जरिए कितने रुपए अब तक आए हैं।

विज्ञापन के नाम पर भी किया खेल

‘सचतक’ पर विज्ञापन दिखाने के नाम पर भी बड़ा खेल हुआ है। यब बात तब सामने आई, जब मंगलवार को तीन लोगों से पूछताछ हुई। EOU ने मेंटर्स एडुसर्व का विज्ञापन करवाने वाले एडवरटाइजर को अपने ऑफिस बुलाया था। इनके अलावा दो कोचिंग संचालक भी बुलाए गए थे।

मनीष कश्यप और मणि द्विवेदी ने रुपयों की हेराफेरी सिर्फ अपने नाम पर ही नहीं की। इन्होंने कंपनी के स्टाफ के नाम पर भी की है।

मनीष कश्यप और मणि द्विवेदी ने रुपयों की हेराफेरी सिर्फ अपने नाम पर ही नहीं की। इन्होंने कंपनी के स्टाफ के नाम पर भी की है।

पूछताछ में इन तीनों से पता चला कि उन्होंने मनीष कश्यप से L बैंड विज्ञापन के लिए कांटेक्ट किया था। मगर, उसने वो विज्ञापन नहीं किया। उसने जोड़ दिया था कि वो उनके संस्थान में आएगा। वहीं पर उनका 15 से 20 मिनट का इंटरव्यू करेगा। इंटरव्यू ही संस्थान का विज्ञापन हो जाएगा।

इसके एवज में 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपया तक वो वसूला करता था। बड़ी बात ये है कि ये रुपए वो कैश में लिए गए। किसी से भी कंपनी के अकाउंट में नहीं लिया गया। इस मामले पर भी EOU की जांच चल रही है।

रिमांड के दौरान देना होगा जवाब

बुधवार को मनीष कश्यप को आर्थिक अपराध इकाई 24 घंटे के रिमांड पर जेल से लेकर आएगी। तमिलनाडु मामले में बिहारियों की पिटाई का फर्जी वीडियो वायरल करने से जुड़े कई सवाल पहले से थे ही। जिनका जवाब मनीष कश्यप से जांच एजेंसी को जानना है।

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.