बिहार बोर्ड के 12वीं का रिजल्ट सामने आ गया है। जहां लड़कियों ने हर ब्रांच में फतेह किया है। राजधानी पटना के बुद्ध नगर के रोड न. 2 में रहने वाली श्रृष्टि अक्षय, कॉमर्स ब्रांच से तीसरा स्थान प्राप्त किया है। श्रृष्टि ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि उन्होंने इस रिजल्ट के लिए 10–12 घंटे नहीं पढ़ा करती थी। मैं केवल 5–6 घंटे की पढ़ाई डेली किया करती थी। मैंने केवल कंसिस्टेंसी को मेंटेन रखा है।
वहीं श्रृष्टि अक्षय के माता पिता ने बेटी के टॉपर बनने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा की जितना पढ़ना चाहती है उसे उतना पढ़ाया जाएगा। बेटी ने उम्मीद से बढ़कर रिजल्ट दिया है। स्कूल वालों ने बताया श्रृष्टि अक्षय स्कूल की होनहार स्टूडेंट्स में से एक है। वो पढ़ाई के साथ साथ स्कूल एक्टिविटी में भी आगे रहती थी। सृष्टि ने बताया कि उन्हें अपने जीवन में सब कुछ बैलेंस करके चलना पसंद है। इसीलिए वे हर चीजों में आगे रहना पसंद करती हैं।

सृष्टि अपनी मां के साथ।
सृष्टि अक्षय के पिता उत्क्रमित मध्य विद्यालय, धमौल में सरकारी टीचर हैं। सृष्टि अपने घर की छोटी बेटी हैं। बड़ी बेटी प्रिया अक्षय इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए तैयारी कर रही है। पिता अमरेंद्र कुमार ने बताया की उन्हें बेटी के रिजल्ट की उम्मीद नही थी। लेकिन बेटी ने ऐसा रिजल्ट लाकर उन्हें गौरवान्वित कर दिया है। वहीं मां छाया कुमारी ने बेटी के इस रिजल्ट पर कहा कि बेटी से मुझे ये उम्मीद थी कि वो ऐसा ही रिजल्ट लेकर आएगी।
सृष्टि अक्षय ने सीबीएसई बोर्ड से 10वीं में 91.6% हासिल किए थे। पटना के संत जेवियर्स स्कूल से पढ़ाई कर बिहार बोर्ड के 12वीं में सृष्टि ने 94.3% (472) अंक प्राप्त किया है। वे बड़ी होकर कंपनी सेक्रेट्री बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वे सुबह से न्यूज चैनल देख रही थी। लेकिन जब उनका रिजल्ट नही आया तो उन्हें लगा कि वे टॉप की लिस्ट में नही आई हैं। इसके बाद उन्होंने टीवी बंद कर दिया। लेकिन फिर व्हाट्सएप के स्कूल ग्रुप में उन्हें बधाई मिलनी शुरू हो गई। इसके बाद उन्हें पता चला की वे पूरे बिहार में थर्ड टॉपर हुई है।
ई रिक्शा चालक की बेटी बनीं थर्ड टॉपर
वहीं, खगड़िया की पायल कुमारी भी इंटर परीक्षा में कॉमर्स की थर्ड टॉपर बनीं हैं। पायल कुमारी के पिता मुन्ना पोद्दार मौजूदा समय में लोन पर ई रिक्शा लेकर चलाते हैं। एक दिन में 3 से 4 सौ रुपए कमाते हैं। उन्होंने बच्चों को लेकर बड़ा सपना संजाेए हैं। वह बेटी को आईएएस बनाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने बड़े शहराें में जाकर मजदूरी भी किया है। दिन रात कड़ी मेहनत करने वाले मुन्ना पोद्दार बताते हैं कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।
पायल ने दैनिक भास्कर को बताया कि वह पिता का सपना पूरा करना चाहती है। इसके लिए वह पढ़ाई पर पूरा ध्यान देती है। पायल ने बताया कि मंगलवार को रिजल्ट आया तो लगा कि वह अच्छे नंबर से पास हो जाएगी, लेकिन स्टेट की थर्ड टॉपर हो जाएंगी, ऐसा कभी सोचा भी नहीं था। पायल अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और माता के साथ स्कूल के टीचरों को देती हैं। पायल बताती है कि घर में दो कमरे है। इसमें उनके माता-पिता, दादी और छोटा भाई रहते हैं। छोटे से घर में अभाव के बीच उन्होंने पढ़ाई की और सफलता हासिल की है।



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