पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित डाॅ. एमके सिंह के नर्सिंग होम में यूट्रस का ऑपरेशन कराने महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने से परिजनों ने बुधवार को डाॅक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर बवाल काटा। वहीं हंगामा देख डाॅक्टर और कर्मचारी नर्सिंग होम बंद कर भाग गए। आक्रोशित परिजनों ने लाइन बाजार के डाक बंगला चौक पर सड़क जाम कर विरोध करने लगे। करीब पांच घंटे तक सडक जाम होने के बाद स्थिती बिगड़ते देख सदर एसडीओ राकेश रमण, डीएसपी, पांच थाने की पुलिस पहुंच ग॓ए। परिजनों को काफी समझाने बुझाने के बाद शांत किया और जाम को हटाया गया।
थाने में दर्ज हुआ मामला
मृतका की पहचान सरसी थाना क्षेत्र अंतर्गत चंपानगर मसूरी गांव के रहने वाले पंकज कुमार सिंह की पत्नी अमृता सिंह (35) वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों ने डाॅ. एमके सिंह के खिलाफ सहायक खजांची थाना में मामला दर्ज करा दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
यूट्रस की हुई थी ऑपरेशन
मृतका के पति पंकज कुमार ने बताया कि पत्नी अमृता की यूट्रस में समस्या होने लगी। सर्जन डाॅ. एमके सिंह से दिखाने के बाद उन्होने तरह-तरह के जांच कराने के बाद ऑपरेशन कराने की बात कही। ऑपरेशन से पूर्व वह बिल्कुल ठीक थी। बीते रविवार को यूट्रस का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की यूरीन बंद हो गया और ब्लीडिंग होने लगा। जब हालत काफी खराब होने लगी तो डाॅक्टर ने बचने के लिए बीते मंगलवार को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। मरीज को लेकर सिल्लीगुडी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया। जब डाॅक्टर ने ऑपरेशन किया तो देखा कि यूट्रस के पास एक नस कटा हुआ है, जिससे किडनी काम नहीं कर रहा था। डाॅक्टर ने वहां भी जवाब दे दिया और बुधवार को अमृता की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव को सडक पर रखकर विरोध करने लगे। परिजनो ने डाक्टर एमके सिंह पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्या कहते हैं डाॅक्टर
जब आरोपी डाक्टर एमके सिंह से पैसे जाने पर उन्होने बताया कि ऑपरेशन से पहले मरीज बिल्कुल ठीक थी। ऑपरेशन के बाद हालत बिगडने लगा इसलिए हायर सेंटर रेफर किया गया था। ऑपरेशन में उनसे कैसे चूक हुई वह उन्हे पता नहीं है। नस काटने की बात पता नहीं है। मरीज की मौत कैसे हुई यह जांच के बाद पता चलेगा।



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