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पुलिस की पहल पर बिछड़ा युवक परिवार से मिला:दो साल बाद परिजनों से हुई मुलाकात

शेखपुरा पुलिस की पहल पर विगत दो साल से परिवार वालों से बिछडे़ औरंगाबाद जिले के एक 35 वर्षीय युवक अपने परिवार वालों से मिल सका। जिले के कसार थाना के युवा थाना अध्यक्ष कुंदन कुमार ने मानवता का परिचय देते हुए मानसिक रूप से बीमार युवक मिथिलेश मांझी को शनिवार के दिन उसके भाई और अन्य परिवार वालों के हवाले करते हुए पुलिस वाहन से शेखपुरा रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया।

वे लोग खुशी-खुशी अपने घर औरंगाबाद के लिए कूच कर गए। बता दें कि जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत पड़ने वाले कसार सहायक थाना के कंबल बीघा गांव में गुरुवार की रात्रि संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए एक अज्ञात युवक को ग्रामीणों ने चोर होने के संदेह के आधार पर धर दबोचा। देर रात्रि को ग्रामीणों ने एक अज्ञात युवक को संदिग्ध अवस्था में गांव घूमने और उसे पकड़कर रखने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कसार थाना अध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक कुंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस कंबल बीघा गांव पहुंचकर युवक को अपने कब्जे में ले ली।

थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने की पहल

थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने की पहल

थानाध्यक्ष ने की पहल

इस बाबत थाना अध्यक्ष ने बताया कि रात्रि के दौरान गांव में घूम रहा युवक मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। उससे पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि वह औरंगाबाद जिला अंतर्गत रफीगंज थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव का निवासी है। जो कि उक्त गांव के करीमन मांझी का 35 वर्षीय पुत्र मिथिलेश मांझी है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि पकड़े गए युवक से मिली जानकारी के अनुसार औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना पुलिस से संपर्क स्थापित कर युवक की बरामदगी की सूचना उसके परिवार वालों को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद जिला स्थित उसके घर वालों से संपर्क किए जाने के बाद पता चला है कि बरामद युवक पिछले दो साल से युवक अपने घर से गायब है।

मानसिक रूप से बीमार चल रहा था युवक

इसके परिवार वालों ने इसके गुम होने के बाद काफी खोजबीन की, लेकिन इसका कोई पता नहीं चला। थाना अध्यक्ष ने बताया कि युवक के परिवार वालों से मिली जानकारी के मुताबिक युवक मानसिक रूप से कुछ वर्षों से बीमार चल रहा है।इसी के कारण वह भटकते हुए यहां पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस से सूचना मिलने के बाद युवक के परिवार वाले यहां थाना पर पहुंचे। उसे लेने आए सहोदर बड़ा भाई धर्मेंद्र मांझी और एक चचेरे भाई ने कहा कि मिथिलेश विगत 2 साल से घर गायब था। घर वाले इसे घर वापस लौटने की उम्मीद छोड़ रखे थे, लेकिन भगवान की कृपा हुई कि उनका खोया हुआ भाई दो साल बाद सही सलामत मिल गया। खोए हुए भाई को मिलने जाने के बाद उसे लेने पहुंचा दोनो भाई काफी खुश नजर आ रहा था। भाइयों के आंखों में बिछड़े भाई को सामने देखकर खुशी के आंसू छलक गयए।

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