26 फरवरी से बिहार के लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की शुरुआत होने जा रही। उद्घाटन के लिए तारीख की घोषणा हो गई हैं। इसके लिए पटना में स्थित आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में एक बड़ा कॉल सेंटर बनकर तैयार हो गया हैं। हेल्पलाइन 1930 के लिए काम करने वाली टीम और सिस्टम पूरी तरह से रेडी हैं।null
बिहार पुलिस दिवस के मौके पर इस नई व्यवस्था का उद्घाटन होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस सुविधा का उद्घाटन करेंगे। उस दिन वो बिहार पुलिस दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। हेल्पलाइन नंबर 1930 के साथ ही उस दिन वो बिहार के 500 थानों में महिला हेल्प डेस्क की भी शुरुआत करेंगे।

पटना में स्थित आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में एक बड़ा कॉल सेंटर बनकर तैयार हो गया हैं।
क्या है हेल्पलाइन 1930
बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में साइबर क्राइम के मामले बहुत तेजी से बढ़ते जा रहे। साइबर अपराधी हर दिन रुपयों की ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे। वर्तमान समय में साइबर क्राइम सेंट्रल एजेंसी के साथ-साथ सभी राज्यों की पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। अभी साइबर अपराध के मामले जब तक पुलिस तक पहुंचती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। सही समय पर कार्रवाई शुरू हो सके, इसके लिए जरूरी है कि पुलिस तक समय पर साइबर अपराध की जानकारी भी पहुंचे। इसी उद्देश्य से हेल्पलाइन नंबर 1930 की शुरुआत बड़े स्तर पर हो रही।

बिहार पुलिस दिवस के मौके पर इस नई व्यवस्था का उद्घाटन होगा।
एक साथ 30 लोगों के कॉल होंगे अटेंड
हेल्पलाइन नंबर 1930 पर एक साथ 30 लोगों के कॉल को अटेंड करने की क्षमता होगी। इसके लिए इतने ही लोग 3 शिफ्टों में 7 दिन 24 घंटे काम करेंगे। मतलब, पूरी टीम तैयार कर ली गई हैं। टीम कैसे काम करेगी? इसका पूरा स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है।
टीम में कुल 171 पॉलिसकर्मी शामिल हैं। एक महिला समेत 6 इंस्पेक्टर, 8 महिला समेत 15 सब इंस्पेक्टर और 88 पुरुष व 62 महिला समेत 150 सिपाही इसमें शामिल हैं। 20 फरवरी से ही इन्हें स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्हें अलग-अलग तरह के होने वाले साइबर क्राइम, ऑनलाइन बैंक फ्रॉड, बैंक स्टेटमेंट को पढ़ने का तरीका, कॉल रिसीव करने पर बात करने का तरीका, नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करने का तरीका और ठगी के रुपयों को बचाने के तरीके के साथ ही इसके बाद केस दर्ज करवाने की प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी जा रही।



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