Breaking News

गर्मी आते ही बंद पड़े हैंड पंप की आई याद:पीएचईडी ने 15 दिनों के अंदर चालू करने का दिया आदेश, पेयजल से जुड़ी 277 योजनाएं ठप

गर्मी आते ही जिला प्रशासन को पेयजल योजना से जुड़ी बंद पड़ी 277 योजनाओं की याद आ गई। उसने 15 दिनों के भीतर बंद पड़े पेयजल को चालू करने का फरमान सुनाया हैं। खास बात यह भी अब तक इस मसले पर जिला प्रशासन और पीएचईडी से जुड़े अधिकारियों के बीच तीन बार की बैठकें भी हो चुकी हैं। लेकिन अब तक सिर्फ सूची ही तैयार की जा रही। सूची में कहां-कहां समस्याएं उत्पन्न होती हैं और कौन कौन से हैंड पंप बंद पड़ी हैं।

यहां तक की नल जल योजना का सभी गांव में सर्वे कराने का भी आदेश दिया गया हैं। साथ ही हर सप्ताह पेयजल की समस्या के मसले पर एसडीओ को बैठक कर उसे हल करने की बात भी गई हैं। हालांकि यह टास्क मार्च तक पूरा करने के लिए दिया गया है। लेकिन गर्मी की दस्तक होली के आने से पूर्व से ही शुरू हो गई है। दिन में गर्मी और रात में ठंडी अब भी बनी हुई है।

जिला प्रशासन यह मान कर चल रहा है कि मार्च से भीषण गर्मी शुरू हो जाएगी। इसके शुरू होते ही पठारी इलाकों में पेयजल के संकट गहराने लगेंगे। फिलहाल 28 से फीट पर धरती के अंदर पानी उपलब्ध है। लेकिन गर्मी के बढते ही जल स्तर भागने लगता है और संकट गहराने लगता है। हैंडपंप भी पानी देना बंद कर देता है। हकीकत यह भी है कि सैकड़ों की संख्या में सार्वजनिक हैंडपंप ठप पड़े हैं।

अब तक के हुए सर्व में कुल 277 योजनाएं बंद पड़ी मिली हैं। यह सारी योजनाएं पीएचईडी के तहत आती हैं। हालांकि पीएचईडी का दावा है कि उसने बंद पड़े हैंड पंप को दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा नल जल योजना में यह बात सामने आई है कि आधा काम कर ठेकेदार भाग गया हैं। इसलिए यह योजना बड़ी संख्या में विभिन्न गांवों में अधूरी पड़ी है। ऐसे में कहा गया है कि ठेकेदार को तलाश कर उसे कार्य पूरा कराने की हिदायत दी गई है।

डीएम डॉ त्यागराजन ने जिले के सभी सांसदों विधायकों व विधान पार्षदों से बंद चापाकलों की सूची मांगी गई है। इसके अलावा सभी मुखिया, प्रखंड प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से भी बंद चापाकलों की सूची 28 फरवरी तक मांगी गई है। उन्हें बंद पड़े हैंडपंप की सूची बीडीओ को सौंपें।

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.