पटना सिटी के गुलजारबाग स्टेशन के नजदीक मेंहदीगंज में गुरुवार की दोपहर हुए हादसे के बारे में बताते हुए अजीत कुमार रो पड़े। उन्होंने बताया कि गुरुवार की दोपहर रेलवे के 2 अधिकारी और 10 से 15 की संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे। जबरन सभी लोगों का दुकान खाली करना शुरू कर दिया।
लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस उग्र हो गई और जबरन उनके भाई अनिल कुमार की दुकान का सामान फेंकने लगे। इसी दौरान दुकान में रखे गए एक थिनर का कार्टून फटकर जमीन पर गिर गई और ज्वलंत होने के कारण अचानक उसमें किसी कारण आग लग गयी। इसी आग के लपेट में आने से उनके भाई अनिल कुमार बुरी तरह झुलस गए।

करीब 50 वर्षों से वहां है दुकान
आनन-फानन में उन्हें पटना के अपोलो बर्न हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि अनिल कुमार गुलजारबाग के नीम की भट्टी के रहने वाले हैं। पिछले लगभग 50 वर्षों से अधिक से वे सभी दुकानदार वहां अपना बिजनेस व्यापार कर रहे थे, लेकिन अब रेलवे का यह कहना है कि यह जमीन रेलवे की है। इसी बात को लेकर रेलवे के अधिकारी और सिपाही गुरुवार को वहां खाली कराने पहुंचे थे।
जमीन अतिक्रमणमुक्त कराने पहुंचे थे
इस हादसे में अनिल कुमार के अलावा आदित्य कुमार, कन्हैया कुमार एवं अजीत कुमार भी जल गये। जिनका इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। इस बात को लेकर पटना सिटी के पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी अमित रंजन ने बताया कि रेलवे के जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने रेलवे के पुलिसकर्मी पहुंचे थे। इसी बात को लेकर वहां के दुकानदारों ने इसका विरोध कर दिया था।



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