नई दिल्ली: अरविंद त्रिवेदी (Arvind Trivedi) ने 300 से अधिक हिंदी और गुजराती फिल्मों में एक्टिंग की थी, पर वे रावण का रोल निभाकर काफी लोकप्रिय हो गए थे. रामानंद सागर की ‘रामायण’ में उनका अभिनय इतना बेदाग था कि लोग उन्हें असल जिंदगी में रावण समझने लगे थे. मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मे अरविंद त्रिवेदी को शूटिंग के वक्त कई दफा भगवान राम को अपशब्द कहने पड़ते थे. राम के सच्चे भक्त को जब ऐसा करना पड़े, तो उनकी मानसिक स्थिति क्या होती होगी? आप स्वयं समझ सकते हैं. वे काफी पश्चाताप से भर जाते थे और अपने गुनाहों के लिए प्रायश्चित करते थे.
अरविंद त्रिवेदी अलग-अलग तरीके से भगवान के समक्ष प्रायश्चित करते थे. एक्टर ने किसी इंटरव्यू में बताया था कि वे शूटिंग से पहले भगवान शिव और श्रीराम की आराधना करते थे. उन्होंने कहा था, ‘शूटिंग के समय कई बार मुझे भगवान को लेकर बुरा कहना पड़ता था. मैं जब आराधना करता था, तब उनसे माफी मांग लेता था और बोलता था कि अगर आपको लेकर कोई अपशब्द मुंह से निकल जाए, तो मुझे क्षमा कर देना.’

अरविंद त्रिवेदी को सीरियल में रावण बनना पड़ा, पर वे असल जिंदगी में श्रीराम और शिवजी के बहुत बड़े भक्त थे. उन्होंने आगे कहा था, ‘मैं राम और शिव का भक्त हूं, पर मुझे शूटिंग में ऐसी बातें कहनी पड़ीं जो गुनाह है. मैं पाप के पश्चाताप के लिए पूरा दिन उपवास करता था. जब शूटिंग पूरी करने के बाद रात को घर पहुंचता था, तब व्रत खोलता था.’

कहते हैं कि रामानंद सागर ने शुरू में केवट के किरदार के लिए अरविंद त्रिवेदी को बुलाया था, पर ऑडिशन के बाद उनकी राय बदल गई और उन्हें रावण के रोल के लिए चुन लिया गया. रावण का किरदार निभाना काफी मेहनत का काम था. उन्हें रावण बनने में ही 5 घंटे लग जाते थे. मुकुट और भारी आभूषण की वजह से काफी दिक्कतें होती थीं, फिर भी अरविंद त्रिवेदी ने डूबकर रावण का रोल निभाया. एक्टर का 82 साल की उम्र में 6 अक्टूबर 2021 को हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया था. उनके भाई उपेंद्र त्रिवेदी गुजराती सिनेमा के मशहूर एक्टर रहे हैं.



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