Breaking News

पहली बार प्रदूषण रोकने की पहल:अखाड़ाघाट में विसर्जन पर रही पूर्ण रोक, लेकिन दादर पुल पर विसर्जन बेरोक-टोक!

बूढ़ी गंडक काे दूषित हाेने से बचाने के लिए प्रशासन ने अखाड़ाघाट पुल पर एनजीटी गाइडलाइन के तहत इस बार प्रतिमा विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। देर शाम तक यहां काेई प्रतिमा विसर्जन नहीं हुआ। जबकि, उसी बूढ़ी गंडक नदी में अखाड़ाघाट से दाे किलोमीटर की दूरी पर दादर पुल से दोपहर से शाम तक प्रतिमा विसर्जन बेराेक-टाेक हुआ।

पहली बार सरस्वती पूजा में इस बार आश्रमघाट किनारे जेसीबी से खाेदे पोखर में चार साै से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। प्रशासन के अनुसार निगम क्षेत्र से बाहर हाेने की वजह से दादर में प्रतिमा विसर्जन पर राेक नहीं लगाई गई। नदी काे प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन ने इस बार पहले ही यहां प्रतिमा विसर्जन पर सख्ती से राेक लगा दी। इसको लेकर अखाड़ाघाट पर पुलिस प्रशासन की चौकसी दिखी। इससे ट्रैफिक की समस्या से भी लाेगाें काे नहीं जूझना पड़ा।

यह है नियम

नदी-झील काे प्रदूषण से बचाने के लिए प्रतिमा विसर्जन पर पहले से राेक है। नदी किनारे विसर्जन की मजबूरी हाेने पर धारा से कम से कम 50 मीटर की दूरी पर पोखर बना कर उसमें विसर्जन करना है।

^एनजीटी के आदेश के तहत अखाड़ाघाट में विसर्जन प्रतिबंधित रहा। दादर निगम क्षेत्र से बाहर है। अब दुर्गापूजा में भी आश्रमघाट में दाे बड़े-बड़े जलस्रोत बना कर प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था हाेगी। -ज्ञान प्रकाश, एसडीओ पूर्वी

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.