मुजफ्फरपुर में सोमवार रात शराब छापेमारी के दौरान बूढ़ी गंडक नदी मे डूबने से 23 वर्षीय दीपक के मौत हो गई। जिसको लेकर उसके साथी अभिषेक ने बताया कि हम लोग अलग-अलग टीम बनकर घेराबंदी करने गए थे। दीपक के साथ मैं और एक अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। हमें नदी के पास लाइट जलता दिखा। वे लोग लाइट के तरफ बढे तो लाइट बंद हो गया। फिर, लाइट जली तो हम लोग आगे बढे। शराब माफिया को इसकी भनक लग गई थी कि हम वहां पहुंच गए है। वे लोग भागने की कोशिश करने लगे। दीपक आगे आगे दौर गया। चारो तरफ से घिरता देख तस्कर नदी मे घुस गए। नदी के तरफ ढलान ज्यादा थी। दीपक उसे पकड़ना चाहा, लेकिन वह भी नदी मे चला गया।
इस दौरान उसने तस्करों को पकड़ लिया। तस्कर हाथापाई कर खुदको छुड़ाने में लग गए। दीपक ने नाव लाने के लिए आवाज लगाई। लेकिन, जब तक नाव आती दोनों तस्कर नदी में तैरकर फरार हो गए। इसी दौरान दीपक नदी के गहरे पानी में चला गया। जब तक टीम उसकी मदद करती वह डूब चुका था। काफी देर के बाद उसका शव नजर आया। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने मदद करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद टीम मौजूद अन्य कर्मियों ने किसी तरह दीपक का शव निकाला।
एफआईआर हुआ दर्ज
जवान दीपक कुमार की मौत मामले दारोगा रामानंद कुमार के बयान पर मुशहरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। इसमें स्थानीय चूल्हाई शराब माफिया बादल सहनी और गोलू कुमार सहित अन्य अज्ञात को आरोपीत बनाया गया। एफआईआर में रामानंद कुमार ने बताया कि उत्पाद टीम के साथ जवान दीपक भी छापेमारी में गया था। उस इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की जा रही थी।
इसी बीच दोनों आरोपी भागने लगे। जिसे जवान दीपक ने पीछा कर पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन वह अकेला पड़ गया। इसी बीच दोनों माफियाओं ने उसे लेकर नदी में कूद गया। इसके बाद उसे ज्यादा पानी मे ले जाकर छोड़ दिया और वह तैर कर भाग निकला। इसमें जवान दीपक की मौत हो गई।
इधर पूर्वी डीएसपी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि मुशहरी, बोचहां और सकरा थाना क्षेत्र के बॉर्डर स्थित बूढ़ी गंडक नदी किनारे छापेमारी की गई थी। इसी क्रम में उत्पाद का एक जवान की नदी में डूब जाने से मौत हो गई है। जो भी तथ्य है उसके हर एक बिन्दुओं पर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएगा उसके आधार पर आगे की कानूनी करवाई की जाएगी।



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