“का बा” फेम भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर इन दिनों बिहार में चल रही कांग्रेस की “भारत जोड़ो यात्रा” में शामिल हो रही हैं। बातचीत में नेहा सिंह राठौर बीजेपी के ऊपर जमकर बरसीं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सांसद रवि किशन पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए उन्हें फूहड़ बताया।
सवाल: क्या नेहा सिंह राठौर राजनीति में उतर रही हैं?
- जवाब: नहीं आने वाले कुछ सालों तक मैं राजनीति में नहीं उतर रही हूं। मैं अपने गीतों से ही समाज के मुद्दों को सरकार के समक्ष लाऊंगी। उसी के सहारे मैं सरकार पर सवाल खड़ी करती रहूंगी।
सवाल: उत्तर प्रदेश के बाद बिहार में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुई हैं। क्या कांग्रेस की तरफ आपका झुकाव ज्यादा है?
- जवाब: मैंने कब कहा कि मेरा झुकाव कांग्रेस की तरफ ज्यादा है। मंच किसी का भी हो फर्क उससे नहीं पड़ता है, फर्क उससे पड़ता है कि मैं क्या बोल रही हूं। मैं मंच से क्या कहती हूं लोगों पर क्या प्रभाव डालती हूं मुझे इससे मतलब रहता है। और जहां तक रही बात कांग्रेस की तरफ झुकाव की तो भइया जो मुझे बुलाएगा मैं वहां जाऊंगी। बीजेपी वाले मुझे नहीं बुलाते। बुलाए मुझे बीजेपी वाले मैं ना जाऊं तब वो बोल सकते हैं कि मैं नहीं गई। लेकिन वो मुझे बुलाते ही नहीं, उनके अंदर हिम्मत ही नहीं है कि मुझे मंच पर बिठाकर बेरोजगारी के गीत किसानों के हित के गीत वो सुन सके। उनसे सवाल होने चाहिए कि क्यों नेहा सिंह राठौर को बीजेपी वाले नहीं बुलाते?
सवाल: बिहार में जो स्टूडेंट रोजगार की तलाश में हैं, उन्हें लेकर आप सरकार से क्या कहना चाहती है?
- जवाब: मैं दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहती हूं और वहां पर यूपी-बिहार के कई युवा तैयारी करने के लिए आते हैं। वहां पढ़ रहे हैं कई स्टूडेंट अक्सर मुझे कहते हैं कि दीदी बेरोजगारी पर गीत गाइए। पिछले दिनों ही पटना के सड़कों पर छात्रों को लाठी-डंडे से पीटा गया था, जब वह सरकार से रोजगार की मांग कर रहे थे। मैं पहले भी और अब भी बेरोजगारी पर गीत गाती हूं।
सवाल: लोकसभा चुनाव और फिर बिहार विधानसभा चुनाव है, क्या इसे लेकर आपका कोई लोक गीत आने वाला है?
- जवाब: देखिए मैं चुनाव को लेकर गाने नहीं गाती। मैं लगातार समाज के मुद्दों को लेकर गाना गाती हूं। चाहे वह महिला उत्पीड़न, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, बेरोजगारी जैसे सभी सामाजिक मुद्दों पर गाना गाती हूं। ऐसा नहीं है कि 2024 के लिए या 2025 के लिए मैं अलग से तैयारी कर रही हूं और ऐसा भी नहीं है कि इलेक्शन के टाइम पर मैं गाने गाती हूं। हां उस वक्त लोग बड़ा उस गाने का लोड ले लेते हैं। अभी देखिए मैं कुछ भी बोलूंगी तो सरकार लोड नहीं लेगी। यह बात मुझे भी पता है। लेकिन उस टाइम उनको भी अपनी पूछे दबी रहती है तो उनको भी पता है कि एक गाने का प्रभाव क्या हो सकता है। लोग भी समझते हैं कि भाई लड़की बात तो सही कह रही है। तो उस टाइम पर सरकार की पूछ दबी रहती है, इसीलिए वह लोड लेते हैं।

नेहा ने कहा- मैं लगातार समाज के मुद्दों को लेकर गाना गाती हूं।
सवाल: जब अपने ‘यूपी में का बा’ गाना गाया था तब सांसद रवि किशन ने भी ‘यूपी में का बा’ लाया था। उस पर आप क्या कहना चाहेंगी?
- जवाब: ऐसे लोगों को मैं क्या ही रिप्लाई दूं जो फूहड़ गाना गाते हैं। मैं तो इन लोगों को रिप्लाई देना सही नहीं समझती जो ‘तोहर लहंगा उठा देब रिमोट से’ जैसे फूहड़ और गंदे गीत गाते हैं। लेकिन हां ऐसा लोग करते हैं गाने में कुछ भी गा देते हैं। उस गाने में गाने जैसा कुछ तो दिखा नहीं, लेकिन ठीक है उनकी मर्जी है। इनके अलावा भी यूपी में कई लोगों ने मेरे ऊपर गाना गाया कि ‘यूपी में तहार भतार बा।’ जिससे मैं ये समझ गई कि लोगों की मानसिकता क्या है।

सवाल: रामचरितमानस को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री ने जो विवादित बयान दिया है इस पर आप क्या कहना चाहेंगी?
- जवाब: देखिए आज कल तो मैं यात्रा में काफी ज्यादा व्यस्त रह रही हूं। मुझे ढंग से इस बारे में जानकारी नहीं है। मैं पहले इस पूरे मामले को जान आ जाऊंगी फिर भी कोई टिप्पणी कर पाऊंगी।



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