सोमवार की दोपहर ढाई बजे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पुलिस प्रशासन के लाठी चार्ज से मायूस किसानों में जोश भरने का काम किया। 4 बजे जैसे ही बोलना प्रारंभ किया, किसानों ने अपने अंदर एक अलग की जोश महसूस किया। जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे।
राकेश टिकैत ने कहा- डरोगे तो जमीन छीनी जाएगी। उसके बाद चेतावनी के लहजे में कहा कि यहां के जिला प्रशासन को और सरकार को एक महीने का समय देता हूं। अगर बात नहीं बनी तो 20 फरवरी के बाद पूरे बिहार में ट्रैक्टर यात्रा निकेलगी।
जमीन लेनी है तो दुगनी जमीन दे दो
राकेश टिकैत ने कहा कि जमीन लेनी है तो दुगनी जमीन दे दो खरीद कर। हम कोई गांधीवादी नहीं है। यह प्लांट भी बंद होगा। हम अपने खेतों में हल चलाएंगे। किसानों में जोश भरते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि 20 फरवरी के बाद हम 10 दिन यहीं रहेंगे और इन्हीं खेतो में हमारा ट्रैक्टर चलेगा। या तो यहां की प्रशासन यहां के किसानों के साथ बैठकर बातचीत कर लें। नहीं तो हमारी है यह जमीन, हम नही देंगे।
‘BJP पास वालों की ही बलि चढ़ा देते हैं’
राकेश टिकैत ने कहा- यहां के मुख्यमंत्री ठीक आदमी है। जो हमारे कहने पर BJP से अलग हो गए। कहा कि हमने मुख्यमंत्री को कहा था कि बीजेपी आपको मारने का काम करेगी। साथ ही बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये पूजा पाठ वाले तो है लेकिन बलि प्रथा वाले हैं। यह पहले अपने पास वालों की ही बलि चढ़ा देते हैं। साथ ही नीतीश कुमार को कहा कि हम आपका साथ देंगे लेकिन अगर आप किसानों के पीठ में छुरा घोंपने का काम कीजिएगा तो बिहार में भी दिल्ली के तर्ज पर बड़े आंदोलन होगा।
26 जनवरी को मनेगा ट्रैक्टर दिवस
राकेश टिकैत ने कहा कि 26 जनवरी को भारतीय किसान यूनियन ट्रैक्टर दिवस मनाता है। इस दिन पूरे भारत में तिरंगा के साथ तिरंगा यात्रा निकेलगी। यहां के किसान भी ट्रैक्टर लेकर बनारपुर खेल मैदान में पहुंचे। तिरंगा फहराने के बाद अपने ट्रैक्टर पर तिरंगा लेकर कुछ दूर की यात्रा निकालेंगे।
किसानों को पीट रही है पुलिस
इधर, किसान के नेता रवि आजाद की ओर से वीडियो जारी कर कहा कि बिहार में गुंडा राज चलने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार नहीं चल रही है। गुंडा राज चल रहा है। बिहार की पुलिस जनता की सेवा करने की बजाय निर्दोष किसानों को पीट रही है। छत के रास्ते से घरों में जाकर मां-बहनों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। किसानों को कभी उपद्रवी तो कभी असमाजिक तत्व कहती है। आरोपी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिये।



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