हवा में अधिक नमी आने और धुंध के कारण वायु प्रदूषण में वृद्धि हुई है। गुरुवार को बेगूसराय देश में टॉप पर रहा, जहां का एक्यूआई लेवल 453 रिकॉर्ड किया गया है। बिहारशरीफ, दरभंगा, कटिहार और पूर्णिया का भी एक्यूआई लेवल 400 से अधिक रहा। इन शहरों की हवा स्वास्थ्य के लिए जहरीली हो चुकी है। इसके अलावा पटना, आरा, मुजफ्फरपुर, अररिया, औरंगाबाद सहित 11 शहर रेड जोन में शामिल हैं। इन शहरों में एक्यूआई लेवल 300 से 400 के बीच में रिकॉर्ड किया गया है। पटना का एक्यूआई लेवल 357 है। पटना में राजाबाजार में सबसे अधिक एक्यूआई लेवल 392 और दानापुर में सबसे कम 309 रहा।null
पटना हाई कोर्ट ने राज्य के शहरों में बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर बोर्ड की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है? इसको लेकर जवाब भी मांगा है। पटना हाईकोर्ट ने राज्य के शहरों में बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तीन हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने सोमवार यानी 9 जनवरी को यह आदेश दिया। एक खबर पर स्वत संज्ञान लेते हुए कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि राज्य के शहरों में बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर बोर्ड की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है? इसके पहले कोर्ट मित्र ने बताया कि राज्य के विभिन्न शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। मामले की तीन हफ्ते बाद फिर सुनवाई होगी।

जहरीली हवा ले रहे हैं लोग
बता दें कि आमतौर पर लोगों को सांसों के द्वारा शुद्ध हवा तब तक मिलती है जब तक एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 से कम होता है। लेकिन राजधानी पटना सहित बिहार के अन्य जिलों में हवा काफी प्रदूषित है। जहां लोग सास के रूप में जहरीली हवा ले रहे हैं। डॉक्टरों का भी मानना है कि यह हवा लोगों के लिए ठीक नहीं।
वहीं सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का मानक कहता है कि जिन इलाकों में AQI लेवल 301 से अधिक हो जाता है, वहां की हवा बहुत ही अत्यधिक खराब हो जाती है। वायु प्रदूषण विशेषज्ञों की मानें तो पटना में नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्रों में एक ही हवा का लेवल बहुत खराब स्थिति में है।



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