बक्सर के चौसा में 85 दिन से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे किसानों पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। दूसरी तरफ नेताओं की सियासत चालू हो गई। दो दिन से नेताओं का काफिला भी किसानों से मुलाकात करने पहुंचने लगी है। किसानों की मांग को जायज बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताते हुए निंदा की जा रही है। आज चौसा के बनारपुर खेल मैदान में LJP रामविलास के नेता चिराग पासवान,पप्पू यादव तो वही राजद के नेता सुधाकर सिंह दोपहर में पहुंचेंगे।
11 तारीख को उपद्रव मामले में 39 नामजद 300 अज्ञात पर FIR
चौसा थर्मल पॉवर प्लांट के गेट पर उपद्रव मामले में 39 लोगो पर नामजद FIR तो वहीं 300 अज्ञात लोगो पर हुआ है।यह उपद्रव छत के रास्ते किसान के घर मे घूंस कर पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चों पर अत्यचार करने का वीडीयो वायरल हुआ तो पुलिस के खिलाफ आसपास गांव के युवाओं में आक्रोश भड़क गया था।SP मनीष कुमार द्वारा बताया गया कि सरकारी सम्पति को नुकसान आगजनी और पुलिस पर हमला करने का आरोप है।
10 जनवरी को 24 किसान तो 300 अज्ञात ओर FIR
84 दिन धरने पर बैठे किसान जब प्रशासन ने कानून को हाँथ में लिया तभी उग्र हुए है।बता दे कि 9 जनवरी को बिना किसानों के भूमि के मुवावजा दिए बिना हि उनके जमीन पर कार्य प्रराम्भ कर दिया गया।जहां रोकने पहुंचे किसानों को मुफस्सिल थाना की पुलिस ने लाठी के जोर पर खदेड़ दिया कुछ समाज के सम्मनित किसानो को कॉलर पकड़ धक्का भी दिया।और उनकी जमीन पर काम लगा दिया।जिसपर आक्रोशित किसानों ने 10 जनवरी को थर्मल पावर के मुख्य गेट के पास धरने पर बैठ गए।जिनसे शाम पांच बजे तक कोई अधिकारी बात करने नही पहुंचा।उल्टे चौसा CO द्वारा 24 किसानों पर नामजद FIR कर दिया गया।
आरोप लगाया है कि जब गेट जाम कर किसान बैठे थे तो उनसे बात करने पहुंचे तो मेरे कर्मियों द्वारा धक्का मुक्की के साथ गमछे से मेरा गर्दन दबा दिया गया।किसी तरह से जान बचाकर भागने की बात कही है।जबकि किसानों का कहना है चौसा CO समय बात दे कि गेट के पास कब पहुंचे थे।किसानों के पास वीडियो है सुबह से लेकर शाम तक का।



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