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250 रुपए की साड़ी पहनकर लेंगी डिप्टी मेयर की शपथ:गया में कल शपथग्रहण समारोह, आज झाड़ू लेकर गली साफ कर रहीं

गया नगर निगम में शुक्रवार को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी चल रही है। वहीं, दूसरी तरफ डिप्टी मेयर पद पर शपथ लेने वालीं चिंता देवी गुरुवार को अपने मोहल्ले में झाड़ू लगा रही थीं। वह 250 रुपए की साड़ी पहनकर अपने शपथ ग्रहण में जाएंगी। उन्होंने कहा कि घर में यही एक अच्छी साड़ी है

दैनिक भास्कर की टीम जब उनके घर पहुंची तो वह साफ-सफाई करते मिलीं। वह खुद से अपने घर का बर्तन भी उपले (गोइठा) की राख से साफ करती हैं। जिस तंग गली में वह रहती हैं उस गली की भी वह खुद ही साफ-सफाई करती हैं। पढ़िए घर-दफ्तर-गाड़ी और बॉडीगार्ड पर उन्होंने क्या कहा…

डिप्टी मेयर चिंता देवी का घर।

डिप्टी मेयर चिंता देवी का घर।

लोग उन्हें कहते हैं कि अब तो डिप्टी मेयर बन गई हैं, झाड़ू लगाने वाले को ही बुला लीजिए। इस पर बेबाक तरीके से वह कहती हैं- चिंता पहले भी खुद गली-नली साफ करती थी, आगे भी करेगी।

चिंता देवी से जब यह जानने की कोशिश की गई कि अब डिप्टी मेयर बन गईं हैं, बड़ी संख्या में बड़े-बड़े लोग मिलने इस तंग गली में आएंगे तो आपको कैसा लगेगा? इस पर उन्होंने कहा कि नगर निगम में जो हमें आफिस मिलेगा, वहीं लोग हमसे मिलने आया करेंगे। यहां क्यों आएंगे? हम वहां सुबह से शाम तक बैठेंगे।

क्या आप घर बदलिएगा, तो उन्होंने कहा कि नहीं यह जमीन व घर पुश्तैनी है। यहां से कई पीढ़ी निकली है। इसलिए इसको नहीं छोड़ूगीं।

अपनी गली में झाड़ू लगाती चिंता देवी।

अपनी गली में झाड़ू लगाती चिंता देवी।

यहां रहती हैं डिप्टी मेयर

डिप्टी मेयर चिंता देवी माड़नपुर मुहल्ले में रहती हैं। इनका घर अक्षयवट की ओर जाने वाली सड़क स्थित एक गली में है। वह गली महज 5 फीट चौड़ी है। गली में करीब 200 मीटर चलने के बाद बगैर रंग-रोगन के प्लास्टर किया हुआ मकान है। यह 15 फीट चौड़ा और 30 फीट लंबा है। घर में ऊपर-नीचे मिलाकर कुल 4 कमरे हैं। इसमें वह अपनी दो बहुओं के साथ रहती हैं।

चिंता देवी के छोटे बेटे की शादी फरवरी में होनी है। घर में बैठने के लिए न तो कोई हॉल है और न ही कोई डाइनिंग रूम। फर्श भी सामान्य है। इसी में वह बड़े ही खुशहाल तरीके से रहती हैं। एक गाय भी पाल रखा है। अगल-बगल कई खटाल हैं। इसकी वजह से गली में गोबर पसरा रहता है। गली में पैदल जाना ही संभव हो सकता है। पैदल चलने वालों के चप्पल-जूते में गोबर लग जाता है। उसी गली में चिंता देवी रहती हैं और खुद ही झाडू लगाती हैं।

घर में दो बहू हैं, लेकिन घर की सत्ता और कामकाज को खुद ही संभालती हैं। बहू अपने बाल-बच्चों को देखती हैं। नगर निगम में नौकरी भी करती हैं।

इसी गली से होकर लोग चिंता देवी के घर तक पहुंचते हैं।

इसी गली से होकर लोग चिंता देवी के घर तक पहुंचते हैं।

शपथ ग्रहण में क्या पहनेंगी? जवाब दिया – 250 की साड़ी

शपथ ग्रहण करने के लिए कौन सी साड़ी पहन कर जाइएगा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा-हमारे पास पैसा कहां है कि दो हजार रुपए की साड़ी खरीद कर शपथ लेने जाएं। ढाई सौ रुपए की साड़ी जो घर में ढंग की है, उसी को पहनकर शपथ लेंगे। जूता-मोजा खरीदने की हमारी हैसियत नहीं है। इतना करने लगे तो घर ही बिक जाएगा।

लोग मिलने आ रहे हैं, उसे आप कहां बिठाती हैं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम उन्हें प्लास्टिक कुर्सी देते हैं और खुद जमीन पर बैठते हैं। न तो हमारे यहां जगह है, न ही कुर्सी।

लोग कहते भी हैं कि अब आप डिप्टी मेयर हो गई हैं, आप कुर्सी पर बैठिए, तो हम कहते हैं कि पहले भी हम जमीन पर ही बैठते थे आज भी हम जमीन पर बैठेंगे। जनता ने हमको कुर्सी दी है, पहले जनता को कुर्सी पर बिठाएंगे।

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