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मगही पान चबा मीता वशिष्ट बनीं बिहारी:यहां के खाने की हुई फैन, गुनगुनाती हैं पवन सिंह का ‘लॉलीपॉप’ गाना

क्रिमिनल जस्टिस, छोरी, गुड लक जेरी सहित कई फिल्मों में और डेली सोप में कभी टिकट एडवोकेट की भूमिका से तो कभी नेगेटिव रोल से लो दिल जीतने वाली मीता वशिष्ट आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। थिएटर का मंच हो या बॉलीवुड फिल्मों का सेट या फिर टीवी सीरियल का सेट इन्होंने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।

आज के समय में लोग जहां ओटीटी, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के बीच सिमट कर रह गए है वहीं मीता खुद को थिएटर से आज भी जोड़ी हुई है। पटना के प्रेमचंद रंगशाला में मीता ने एकल अभिनीत नाटक “लल देद” को मंच पर प्रस्तुत किया। जिसे देखने के बाद पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

खास बातचीत में वशिष्ठ ने बताया कि उन्हें फिर से बिहार आने की इच्छा है। उन्हें जब भी मौका मिलेगा और उन्हें बुलाया जाएगा तो वह बिहार फिर आना चाहेंगी.

सवाल: कैरियर का यह सफर कैसा रहा?

  • जवाब: “सफर काफी इंटरेस्टिंग रहा। इस सफर में स्ट्रगल भी रहा तो मजा भी खूब आया। लेकिन काम मिलने पर लोगों ने काम को सराहा और धीरे-धीरे सफलता हाथ लगने लगी।”

सवाल: बिहार की क्या चीज आपको सबसे ज्यादा लुभाई?

  • जवाब: “मुझे बिहारी खाना खूब पसंद आया। यहां छोटे-छोटे गोभी को गोभी की भुजिया कहते हैं। छे को छौ कहते हैं। मुझे पहली बार पता चला कि बादाम की भी चटनी बनती है जो मुझे काफी ज्यादा पसंद आया। लिट्टी चोखा हो आलू कट हो यह सब पसंद आया है। कुल मिलाकर बिहारी खुशी खाने ने मुझे अपनी ओर आकर्षित किया है। लगे हाथ मैंने मगही पान का भी स्वाद चख लिया है।”

सवाल: फिल्म ‘छोरी’ में एक रूढ़िवादी सोच की महिला का किरदार आपके लिए कितना चैलेंजिंग था?

  • जवाब: “ऐसे तो हर किरदार मेरे लिए काफी चैलेंजिंग होता है। मैं हर किरदार को निभाने के लिए उसमें डूब जाती हूं। फिल्म में रूढ़िवादी सोच की महिला का किरदार निभाना चैलेंजिंग था क्योंकि उसकी नजर में वह गलत नहीं थी लेकिन उसी वक्त समाज की नजर में वह गलत भी थी। एक ही समय में दोनों चीज को दिखाना मेरे लिए चैलेंजिंग था।”

सवाल: फिल्म ‘गुड लक जेरी’ बिहारी महिला का किरदार निभाने के लिए आपने कैसे तैयारी की?

  • जवाब: “इसकी तैयारी के लिए मेरे एक मित्र ने मेरी काफी सहायता की। उन्होंने मुझे गिनती गिनवाई वो भी बिहारी स्टाइल में। उन्होंने मुझे बिहारी डायलॉग से लेकर बिहारी गाने भी सुनाएं। भोजपुरी के ‘लॉलीपॉप’ गाने को मैंने काफी बार सुना है। इसके साथ ही मैं फिल्म के सेट पर हर किसी से बिहारी स्टाइल में ही बातें किया करती थी।”

सवाल: बिहार आपके जीवन में क्या मायने रखता है?

  • जवाब: “मैं इतिहास से काफी जुड़ी हुई हुं। मैंने इतिहास की कई किताबों में बिहार के स्वर्णिम इतिहास को पढ़ा है। महात्मा बुद्ध की बात करें या नालंदा यूनिवर्सिटी या फिर पाटलिपुत्र की। बिहार का इतिहास काफी स्वर्णिम रहा है। और यहां आकर मुझे काफी आनंद मिल रहा है। मुझे मौका मिलेगा और मुझे फिर से बुलाया जाएगा तो मैं यहां आना चाहूंगी।”

सवाल: आपकी कौन कौन सी फिल्में आने वाली है?

  • जवाब: “हाल ही में मेरी दो फिल्में आने वाली है। ‘चिड़ियां उड़’ कुटकी प्लेटफार्म एमएक्स प्लेयर पर रिलीज होगी और ‘जांबाज हिंदुस्तान के’ जी 5 पर रिलीज की जाएगी।”

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