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‘एक बार आइए न बिहार में…कट्‌टा नहीं, कला दिखता है’:बॉलीवुड अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने की खास बातचीत

बॉलीवुड की फिल्मों से लेकर टीवी सीरियल तक सभी के दिलों में कभी ‘राजिया’ कभी ‘कम्मो’ तो कभी ‘सुषमा जी’ के नाम से जगह बना चुकी बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी पटना पहुंची। शनिवार को पटना के प्रेमचंद रंगशाला में चल रहे पांच दिवसीय नाट्य समारोह ‘प्रस्तुति उत्सव 2023’ में उन्होंने अपने अभिनय का एक अनमोल अंश आखिरी दिन प्रस्तुत किया। उनके द्वारा अभिनीत ‘अकेली’ नाटक दर्शकों को काफी पसंद आया। इस दौरान हिमानी शिवपुरी से खास बातचीत की और कई बातें उन्होंने हमारे द्वारा दर्शकों को बताया।

हिमानी शिवपुरी ने बताया कि बॉलीवुड की फिल्मों में बिहार जिस प्रकार दिखाया जाता है…उससे विपरित उन्हें बिहार दिखता है। उन्हें बिहार का कल्चर, आर्ट, भाषा, खाना काफी पसंद है। पटना से उनका अलग ही लगाव है उन्हें बिहार आना और बिहारी खाना खाना काफी पसंद है। उन्होंने बताया कि बिहार में कट्‌टा नहीं…उन्हें कला दिखता है।

सवाल: बिहार आकर कैसा लगा आपको ?

जवाब: “बहुत अच्छा लग रहा है पटना आकर। मेरे शो को दर्शकों का खूब प्यार मिला यह मेरे लिए बहुत है। पटना आकर मुझे हर बार बहुत अच्छा फील होता है। और खासकर यहां का लिट्टी–चोखा मुझे काफी ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। यहां शॉपिंग करना मुझे काफी पसंद है। क्योंकि यहां का मधुबनी पेंटिंग हो या फिर भागलपुरी सिल्क मुझे काफी पसंद है। यहां के लोगों से मुझे काफी प्यार मिलता है जिसके लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं।”

सवाल: नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से लेकर बॉलीवुड हो या टीवी सीरियल यह जो सफर रहा आपका वो कैसा रहा?

जवाब: “बहुत अच्छा रहा कई अप्स एंड डाउन आए मेरे जीवन में। एनएसडी के बाद जब मैं पहली बार बम्बई आई थी तो मेरे पास कुछ पैसे भी नहीं थी और ना ही लोगों से कोई जान पहचान थी। लेकिन जब काम मिला शुरू हुआ तो लोगों को मेरा काम पसंद आया और धीरे-धीरे मैं आगे बढ़ती गई। हालांकि, आर्टिस्टों की जिंदगी काफी छोटी होती है लेकिन आप लोगों के प्यार और भगवान के आशीर्वाद के बदौलत ही आज तक मैं काम कर रही हूं और आगे भी करती रहूंगी।”

सवाल: आज के कलाकारों और पहले कलाकारों की अदाकारी में काफी अंतर देखा जाता है ऐसा क्यों?

जवाब: “ऐसा नहीं है पहले भी अच्छे कलाकार हुआ करते थे और बुरे कलाकार और आज भी अच्छे और बुरे दोनों कलाकार मौजूद है। लेकिन हां आज के समय में कई ऐसे माध्यम आ गए हैं जिससे लोग अपनी अदाकारी को लोगों तक पहुंचा पा रहे हैं। पहले माध्यमों की काफी कमी थी। एक कलाकार को सबसे पहले अपने आप को लोगों के बीच नोटिस कराना होता था और उस वक्त ऐसा माध्यम बहुत कम था। कलाकार थिएटर के सहारे अपने आप को लोगों के बीच नोटिस करवाया करते थे क्योंकि फिल्मों तक पहुंचना सबके लिए उस वक्त काफी मुश्किल था। अभी ओटीटी, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे कई माध्यम सामने आ गए हैं। जिससे लोग अपने आप को नोटिस काफी आसानी से करवा पाते हैं।”

सवाल: थिएटर और फिल्म में आप अपने आपको ज्यादा कंफर्टेबल कहां पाती हैं?

जवाब: देखिए कि मेरा पहला प्यार इसलिए मैं मंच पर खुद को सबसे ज्यादा कंफर्टेबल पाती हूं। लेकिन ऐसा नहीं है कि मैं फिल्मों में कंफर्टेबल नहीं हूं। थिएटर में ऐसा होता है कि यहां रीटेक नहीं होते और फिल्मों में कई आप रीटेक आप ले सकते हैं। मैं जब भी थिएटर करती हूं तो मुझे ऐसा लगता है कि मैं खुद को नया महसूस करती हूं। यह मेरे लिए खुद को जानने और एक्सप्लोर करने का एक माध्यम है।

सवाल: बिहार को अक्सर गुंडे–मवालियों के स्टेट के रूप में बॉलीवुड में दिखाया जाता है। आपको क्या लगता है?

जवाब: “ऐसा बिल्कुल नहीं है बिहार की बात करें या देश के किसी भी स्टेट की यहां कलाकारों की कमी नहीं है। आज बॉलीवुड में पार्टी हो या पहले शत्रुघ्न सिन्हा, हर किसी का समय आता है तब उस समय में वो अपना बेस्ट करते हैं। बिहार को गुंडे मवलियों का स्टेट दिखाना इसलिए भी होता है कि इसे पोट्रे करना काफी आसान है और लोग भी यही देखना पसंद करते हैं इसीलिए ऐसा होता है। बिहार में आईएएस–आईपीएस से लेकर डॉक्टर–इंजीनियर भरे पड़े हैं। देश में बिहार का एक अहम योगदान रहा है। गुंडे मवाली हैं तो हैं यह हर स्टेट में होते हैं।”

सवाल: आपकी कौन-कौन सी प्रोजेक्ट आने वाली है?

जवाब: फिलहाल तो मेरा शो 4 साल से चल रहा है ‘हप्पू की उल्टन पलटन’ जिसकी शूटिंग चल रही है। इसके अलावा मेरी दो फिल्में आने वाली है जिसका नाम है ‘दुकान’ और ‘बिन्नी और बाबा।’

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