बक्सर के मुफस्सिल थाना के हाजत में बंद एक शराबी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा। वीडियो में युवक भोजपुरी गायक पवन सिंह का गाना गाते दिख रहा है। सलाखों के पीछे से युवक पवन सिंह का फेमस गाना गा रहा है…सोची सोची जिया हमरो…सोची सोची जिया हमरो काहे घबराता…दरोगा जी हो…चार दिन पियवा बा नापाता…लिखी ना रिपोट रऊवा सोची बिचारी…अपना बलम जी के कैसे पिसारी…लिखी ना रिपोट रऊवा सोची पिसारी।
SP मनीष कुमार से बताया कि वीडियो बक्सर का ही है। किस थाने का है यह पता लगाया जा रहा है। बताया गया कि युवक कैमूर निवासी कन्हैया कुमार है। पुलिस ने उसे यूपी से शराब पीकर बिहार सीमा में आने के दौरान पकड़ा गया था।
पुलिस ने उसे हाजत में बंद किया तो वो शराब के नशे में ही गाना गुनगुने लगा। फिर पुलिस वालों ने उसे पूरा गाना गाने को कहा।
थान में मौजूद किसी शख्स ने उसका वीडिया बना लिया जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद SP ने जांच करने की बात कही है।
दरअसल ये गाना प्रकाश कुमार द्वारा पोस्ट किया गया है। उन्होंने लिखा है कि चौसा मुफ्सिल थाना में दारू पीने के जुर्म में एक अभियुक्त संगीत के माध्यम से थाना प्रभारी महोदय से अपनी दुःख व्यतीत करते हुए! मन मोह लिया।
वहीं, भरत पाण्डेय द्वारा लिखा गया है कि बक्सर चौसा मुफ्फसिल थाना के लॉकअप में बंद शख्स कन्हैया एकाएक गाने लगा गाना। पुलिस वाले भी चौंक गए।
बता दें कि मुफस्सिल थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर रात्रि में लॉकअप में डाल दिया। तो अचानक यह शराबी संगीत के माध्यम से दारोगा जी से अपना गुहार लगाने लगा। जिस शराबी को रात्रि11बजे के करीब पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
उसे आज कोर्ट में 4 बजे के आसपास पेश किया गया। जहां जुर्माना के बाद उसे घर वापस भेज दिया गया। हालांकि इस संबंध में जब मुफस्सिल थाने की पुलिस से बात की गई तो उन्होंने मुफस्सिल थाना का वीडियो होने से इनकार किया। इस सम्बंध में जब SPमनीष कुमार से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि पता चला है कि बक्सर का ही वीडियो है।किस थाने का है यह पता लगाया जा रहा है।
पूरा गाना जानिए…
सोची सोची जिया हमरो सोची सोची जिया हमरो काहे घबराता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता
सोची सोची जिया हमरो सोची सोची जिया हमरो काहे घबराता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता सहर में खोजनी बजरिया बजरिया कतही बलम जी ना आवेले नजरिया सहर में खोजनी बजरिया बजरिया कतही बलम जी ना आवेले नजरिया
कतनो लगावतानी कतनो लगावतानी लागत नइखे पाता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता
लिखी ना रिपोट रऊवा सोची बिचारी अपना बलम जी के कैसे पिसारी लिखी ना रिपोट रऊवा सोची पिसारी अपना बलम जी के कैसे पिसारी
उनके खातिर ओए ननहका उनके खातिर ओए ननहका आ खाना ना ही खाता दरोगा जी हो चार दिन से पियवा बना पाता है दरोगा जी हो चार दिन से पियवा बना पाता है
पियवा बेदरदी काहा गईले भुलाई बिरह के आग हम कईसे बुताई पियवा बेदरदी काहा गईले भुलाई बिरह के आग हम कईसे बुताई
लागता की सईया हामार लागता की सईया हामार गईले कलकलता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता

सोची सोची जिया हमरो सोची सोची जिया हमरो काहे घबराता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता दरोगा जी हो चार दिन पियवा बा नापाता ।



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