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CoronaVirusLockDown: बाहर से बिहार आए लोगों की बिना जांच NO ENTRY, सीमाएं हुई सील…

Coronavirus Lockdown in Bihar: कोरोना के संक्रमण के फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। इसे लेकर बिहार सरकार ने बाहर से वापस आ रहे लोगों की जांच के बिना प्रदेश में किसी हाल में एंट्री पर रोक लगा दी है और बिहार की सीमाओं को सील कर दिया गया है। सीमाओं पर राहत कैंप बनाए गए हैं, जिनमें लोगों के ठहरने, खाने-पीने और चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है। इन सभी लोगों की जांच के बाद रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें घर भेजा जा सकेगा।

बता दें कि यूपी सरकार ने बसों से दिल्ली और एनसीआर में रह रहे लोगों को बिहार पहुंचाने की बात कही थी जिसका बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल विरोध किया था और कहा था कि इस तरह प्रधानमंत्री के पूरे देश में लॉकडाउन के आग्रह की अ्नदेखी होगी। नीतीश कुमार ने कहा था कि लॉकडाउन से ही हम लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा सकते हैं। इसीलिए लॉकडाउन का पालन अनिवार्य है।बाहर से आए  बिहार में प्रवेश करने वालों को 14 दिनों कैंप में रखा जाएगा। वहीं आज सुबह यूपी से 8 बसों से गोपालगंज जिले में सैकड़ों लोगों ने प्रवेश किया, इन सभी लोगों को आपदा शिविर में आइसोलेट किया गया। पैदल, साइकिल और जुगाड़ गाड़ी से भी लोग अपने घर लौट रहे हैं। उन सभी लोगों को कैंप में कराया जा रहा है भर्ती। लोगों ने घर जाने की इच्छा व्यक्त की जिसे प्रशासन ने सख्ती से मना कर दिया है।बता दें कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

जिसके बाद जिला और राज्य की सीमाओं को सील करने का निर्देश दिया गया है।वहीं सीवान जिले में गोरखपुर के बाद अब सिवान-यूपी बॉर्डर (गुठनी के श्रीकलपुर) पर अब प्रवासी लोगों की भीड़ एकत्रित होने लगी है, कल रात से ही लगातार बाहरी लोगों के आने का सिलसिला जारी है, किसी को ट्रक, तो किसी को मैजिक वैन से उनके जिलों में भेजने की तैयारी चल रही है, अभी कम से कम 5 किलोमीटर तक हजारों लोग बिहार में प्रवेश के इंतजार में हैं, लेकिन प्रशासन का साफ कहना है कि सबको राहत केंद्र में अभी रहना होगा।

इधर, बिहार इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम के साथ स्वास्थ्य मंत्री मंगलपांडेय ने बैठक की है। जिसके बाद दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। कहा गया है कि बिहार के बॉर्डर पर ही सभी लोगों के लिए व्यवस्था होगी और इसके साथ ही देश- प्रदेश से आने वालों की स्क्रीनिंग होगी।
वहीं, बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय  ने भी कहा है कि लॉक डाउन का मतलब लॉक डाउन ही होता है, ऐसे में लोगों के बिहार पहुँचने का सिलसिला जारी रहना दुर्भाग्यपूर्ण है, जो यहां पहुंच रहे हैं उनके लिए हमलोगों ने तैयारी कर ली हैहमने हर जिले के लिए 3 से 5 हजार तक लोगों के रहने और ठहरने के साथ साथ खाने की व्यवस्था की है।


बिहार के गृह सचिव आमिर सुबहानी ने कहा है कि कुछ लोग बसों से बिहार के बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं और कुछ रास्ते में हैं, हमने उनके लिए बॉर्डर पर ही ठहरने की व्यवस्था की है। उनका इलाज भी वहीं होगा।

उन्होंने कहा कि हम लॉक डाउन को आखिरी तारीख तक सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं और इस दौरान बिहार में किसी को आने की इजाजत नहीं होगी।

वहीं बिहार में बाहर के राज्यों से आए और  विदेश से आनेवाले बिहारियों की स्क्रीनिंग शुरू हो चुकी है। 18 से 23 मार्च तक बिहार में बाहर से आनेवाले लोगो की स्क्रीनिंग शुरु हो गई है। 22 और 23 मार्च को बिहार आनेवाले लोगों की हो रही स्क्रीनिंग। कल 20 और 21 मार्च को बिहार आने वालों की होगी स्क्रीनिंग।

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