विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती पूजा अब केवल एक महीने रह गया। जिसको लेकर बक्सर जिले में विभिन्न मूर्तिकार अपनी पुस्तैनी रोजगर में लगे है। पूजा के लिए मूर्तियों को तैयार करने का कार्य कर रहे है लेकिन जैसे ही मूर्तियों को बुक होने का समय आया वैसे एक बार फिर कोरोना की दस्तक से मूर्तिकारों में मायूसी देखी जा रही रही है। सैकड़ों मूर्ति बनकर तैयार होने के बावजूद अभी तक मूर्तियों की बुकिंग नहीं हुई है। ऐसे में आगे और प्रतिमाओं की तैयार करने को लेकर उधेड़बुन जारी है।
26 को सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस एक साथ
इस बार हिन्दू पंचांग के अनुसार 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन ही सरस्वती पूजा है। गणतंत्र दिवस व मां सरस्वती पूजा का त्योहार एक साथ मनेगा मां सरस्वती की पूजा स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान समेत अन्य शिक्षण संस्थान के अलावा घर-घर में होती है।लेकिन एक अच्छी आमदनी की उम्मीद से बक्सर शहर स्थित सोहनीपट्टी स्थित कुम्हार टोली में, चौसा नगर पंचायत स्थित कुम्हार टोली एवं UP से पहुंचे मूर्तिकारों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा को आकार देने में जुट गये हैं।
मूर्तियों की बुकिंग नही होने से मायूसी
पूजा में अभी करीब एक माह का समय है। शिक्षण संस्थानों या घरों में भले ही अभी पूजा की तैयारी नहीं देखी जा रही है।लेकिन मूर्तिकार एक बड़े ही आस से अपनी पूंजी लगा मूर्तियां तैयार कर रहे है।लेकिन बुकिंग नही होने से मायूस भी है। और चेहरे पर चिंता की लकीर साफ देखी जा रही है।चौसा नगर पंचायत के टनटन कुम्हार का पूरा परिवार मिलकर मूर्तियां बनाता है।दुर्गा पूजा में अच्छी कमाई के साथ सरस्वती पूजा के लिए भी मूर्तियां तैयार कर रहे है।लेकिन पूजा में एक महीने शेष के बाद भी 200 मूर्तियों में बुकिंग मात्र दो मूर्तियों की हुई है।



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