कोरोना एक बार फिर से लोगों को डराने लगा है, लेकिन सीतामढ़ी में स्वास्थ्य विभाग इससे अनभिज्ञ है, जिससे एक फिर से कोरोना का बड़ा विस्फोट होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि कोरोना के संभावित चौथी लहर को लेकर सरकारी स्तर पर केंद्र और राज्य सरकार तो बैठकें शुरु कर दी है, लेकिन सीतामढ़ी के स्वास्थ्य महकमा इससे पूर्णतः बेखबर है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा जिले में प्रयाप्त ऑक्सीजन प्लांट का दावा कर रहा है।
केवल सदर अस्पताल में ही है ऑक्सीजन प्लांट
सीतामढ़ी जिले में एक मात्र सदर अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट सुचारु रूप से चालू है। स्वास्थ्य विभाग सदर अस्पताल में लगे दो ऑक्सीजन जेनरेट प्लांट के भरोसे पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था का दावा पेश कर रहा है। एक ऑक्सीजन प्लांट कि क्षमता 1200 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जेनरेट करने की क्षमता है। वही दूसरी की 200 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जेनरेट करने की क्षमता है।
क्या कहा था प्रभारी मंत्री ने
पिछले दिनों अधिकारियो के साथ वर्चुअल मीटिंग के दौरान प्रभारी मंत्री जमा खां ने कहा था कि सरकार के प्रयास से शीघ्र ही सीएम के द्वारा जिले में ऑक्सीजन प्लांट शुरू किया जाएगा। अनुमंडलीय अस्पताल पुपरी व बेलसंड को पूरी क्षमता के साथ आधुनिक सुविधा से लैस किए जाने काे लेकर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके बाद बेलसंड मे तो ऑक्सीजन प्लांट कि शुरुआत कर दी गई थी, लेकिन पुपरी अनुमंडल मे चालू होने वाला ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं हो सका।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. सुरेश चंद्र लाल ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर सदर अस्पताल व बेलसंड में संचालित 1400 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जेनरेट करने वाला प्लांट से ऑक्सीजन प्राप्त किया जा सकता है। बेलसंड का ऑक्सीजन प्लांट ठप नहीं है। आवश्कता पड़ने पर उससे कार्य लिया जाएगा।



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