मौसम में तल्खी से एईएस का भी प्र’कोप बढ़ने लगा है। शनिवार को चमकी-बु’खार से पी’ड़ित मोतिहारी की साढ़े चार वर्षीया सपना कुमारी को एसकेएमसीएच के पीआईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टर संदिग्ध एईएस का म’रीज मानकर इला’ज कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची के खू’न में ग्लूकोज की कमी है। पिछले 24 घंटे में चमकी-बुखार से पी’ड़ित दो बच्चों के भर्ती होने से स्वास्थ्य विभाग में ह’ड़कंप मच गया है।

वहीं बीते शुक्रवार को भर्ती कराए सकरा के साढ़े तीन वर्षीय आदित्य की स्थिति और ख’राब हो गई है। उसे देर शाम को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उसकी पैथोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एईएस की सूची शामिल कर लिया है। आदित्य जिले में 2019 से लेकर अबतक का 432वां एईएस का मरीज है। इधर, दो बच्चों के भर्ती की सूचना के बाद पटना से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के साथ अन्य वरीय अधिकारियों ने जानकारी ली है। साथ ही डीएम व सीएस को इसपर नजर रखने के लिए कहा है। अधीक्षक डॉ. एसके शाही ने बताया कि मोतिहारी की एक बच्ची भर्ती हुई है। उसे चमकी-बु’खार की समस्या है। एक दिन पहले भर्ती आदित्य में एईएस की पुष्टि हुई है।
डीएम ने इलाज व नियंत्रण को लेकर की समीक्षा
देर शाम डीएम चंद्रशेखर सिंह ने एसकेएमसीएच पहुंच सभी पीआईसीयू को देखा। अधीक्षक व अन्य अधिकारियों के साथ एईएस मरीजों के इलाज व नियंत्रण को लेकर समीक्षा की। साथ ही कोरोना आइसोलेशन वार्ड को देखा। डीएम के साथ सीएस डॉ. एसपी सिंह, एसीएमओ डॉ. विनय कुमार शर्मा, जिला वैक्टर बॉर्न अधिकारी डॉ. सतीश कुमार, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर सहनी भी थे। सीएस ने बताया कि सभी तरह की तैयारी पूर्व में थी। कोरोना को लेकर थोड़ी चुनौती है। इसका उपाय किया जा रहा है।







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