कतरनी चूड़े की डिमांड को देखते हुए डाक विभाग की ओर से इस साल मकर सक्रांति को लेकर ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कतरनी चूड़ा पहुंचाने का काम इस बार डाक विभाग की ओर से की जाएगी, जिसको लेकर क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह है। बांका में डाक विभाग के पार्सल से अब आप भी कतरनी चूड़ा मंगा सकते हैं। डाक विभाग इसके लिए प्रपोजल तैयार कर हेड क्वार्टर भेजेगी, ताकि कतरनी की मार्केटिंग में किसानों को काफी सुविधा होगी।
किसानों में काफी उत्साह
मकर संक्रांति से पूर्व विभिन्न जगहों पर भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। बांका डाक अधीक्षक आरपी प्रसाद ने बताया कि मुख्यालय से अपने क्षेत्र के सामान को पार्सल प्रोडक्ट के रूप में विकसित करने का निर्देश मिला है। कतरनी की खेती बड़े पैमाने पर बांका में भी की जाती है। इसलिए वहां के किसानों को भी इसका लाभ होगा। डाक विभाग द्वारा इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराने से कतरनी की खेती करने वाले किसानों के बीच काफी उत्साह है।
बांका में बड़े पैमाने पर होती है खेती
बांका डाक अधीक्षक आरपी प्रसाद ने बताया कि पार्सल के माध्यम से चुड़े का सप्लाई कैसे होगा, किसानों से इसकी खरीद कैसे की जाएगी, लोगों तक इसे कैसे पहुंचाया जाएगा, किन-किन वजन के पैकेट तैयार किए जाएंगे, इन सब चीजों पर अभी चर्चा नहीं हो पाई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। अभी केवल एक जिला एक उत्पाद के तहत कतरनी का चयन पार्सल प्रोडक्ट के रूप में किया गया है। बांका के रजौन प्रखंड के दो पंचायतों में मझगांय-डरपा और सिंहनान पंचायतों में इसकी खेती मुख्य रूप से होती है। यहां इस बार रजौन में आठ सौ एकड़ में कतरनी की खेती की गई है। एक जिला एक उत्पादन के तहत बांका को कतरनी के लिए चयन किया गया है। इसके तहत किसानों को कतरनी की खेती के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।



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