बक्सर के कोरान सराय थाने में बुजुर्ग के आत्महत्या के मामले में थानाध्यक्ष ने बक्सर SP को भी पहले गलत जनकारी दी थी। SP नीरज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया गया कि थानाध्यक्ष ने बुधवार की सुबह 3:00 बजे उन्हें यह बताया था कि वृद्ध की तबीयत खराब हो गई है।
इसको लेकर वह अस्पताल जा रहे हैं। बाद में उन्होंने कहा था कि वृद्ध की मौत हो गई है। CCTV फुटेज सामने आया तो उसमें यह साफ तौर पर दिख रहा है कि किस प्रकार पंखे की कुंडी से लटक कर अपनी जान दे दी।ऐसे में यह कहना कि वृद्ध की तबीयत खराब थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हुई है। साफ तौर पर यह दर्शाता है कि थानाध्यक्ष ने SP को झूठ कहा था।
SPनीरज कुमार ने कहा कि कोरान सराय में जो घटना घटित हुई है।इसमें पहले एक मुकदमा कोरान सराय थाना में किया गया था।जिसने जमुना सिंह नामजद आभ्युक्त थे।जिन्हें बुधवार की रात गिरफ्तार कर थान लाया गया था।गुरुवार की सुबह करीब 3बजे थाना प्रभारी के द्वारा बताया गया कि तबियत खराब है।
ईलाज के लिए लेकर जा रहे है। बाद में मृत्यु हो गई। परिजनों ने थाने लाते समय या हाजत में मारपीट का जो आरोप लागया गया है, उसकी जांच करा रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों की कुछ मांग है उस पर भी विचार किया जा रहा है।थानाध्यक्ष को निलम्बित कर आगे की करवाई की जा रही है।
जमुना सिंह जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्यसभा सांसद रह चुके वशिष्ठ नारायण सिंह के जिगरी दोस्त हैं।वशिष्ठ नारायण सिंह जब भी कोपवां आते थे तो वह जमुना सिंह के साथ घंटों बैठकर बातचीत करते रहते थे।जमुना सिंह को यह अंदेशा नहीं था कि कभी पुलिस के द्वारा उनसे इस तरह का दुर्व्यवहार किया जाएगा।
जमुना सिंह द्वारा थाना के कंप्यूटर कक्ष में फांसी लगा अपनी इहलीला समाप्त करने के बाद जुनैद आलम अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए मामले की लीपापोती में जुट गए थे। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा रहा है कि वे तीन बार पंखे से लटकने का असफल प्रयास कर चुके थे।चौथी बार में फंदे पर झूल गए,जिससे उनकी मौत हो गई।




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