बगहा के गौनाहा में पदस्थापित मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर कमरुजम्मा खुद का 4 निजी नर्सिंग होम चला रहे हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडियो पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में चिकित्सा पदाधिकारी ने न केवल स्वास्थ्य विभाग के कारनामे उजागर किए, बल्कि जिले के सबसे बड़े अधिकारी पर कई गम्भीर आरोप लगाते हुए देश के पीएम तक पर भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया है ।
वायरल वीडियो ने खोल दिया सिस्टम की सच्चाई
संजीवनी क्लीनिक के संचालक व गौनाहा PHC में बतौर एमओ पदस्थापित डॉ कमरुजम्मा के इस वीडियो में उन्होंने ख़ुद पूर्व सीएस को तमाचा जड़ने के साथ साथ अवैध हथियार से उनको डराने धमकाने तक का खुलासा किया है। डॉक्टर कमरुज्जमा स्वास्थ्य व्यवस्था और पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर ही सवाल उठाते देखे जा रहे हैं।
वायरल वीडियो में डॉक्टर कमरूजम्मा खुद स्वीकार कर रहे हैं की उनका चार जगह क्लिनिक चलता है। जबकि सच्चाई यह है की जिले में दर्जनों झोला छाप डॉक्टर उनके नेम प्लेट का इस्तेमाल करते हैं। वायरल वीडियो में कमरूजम्मा को यह भी कहते सुना जा रहा है की इस कृत्य के लिए उनपर 8 मर्तबा प्राथमिकी दर्ज हुई है। वीडियो में वे शिक्षक और डॉक्टरों को सबसे ज्यादा भ्रष्ट बता रहे हैं। उनका कहना है कि 60 से 70 प्रतिशत एएनएम और जीएनएम की बहाली फर्जी कागजों पर हुई है।
इतना ही नहीं आला अधिकारियों के बारे में अपशब्द बोलने से भी इन्होंने गुरेज नहीं किया है। एक तत्कालीन सिविल सर्जन को थप्पड़ मारने और अवैध आर्म्स से धमकाने की बात भी वीडियो में साफ साफ सुना जा सकता है। इन सबके अलावा इन्होंने वर्तमान सिविल सर्जन पर लाखों रुपए घूस लेकर अवैध नर्सिंग होम संचालित करने का सनसनीखेज आरोप भी लगाया है।
रामनगर में एक नर्सिंग होम के छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा
बगहा के नवागत एसडीएम डॉ अनुपमा सिंह ने आते ही अवैध और फर्जी चिकित्सकों को लेकर काफी सघन छापेमारी अभियान चलाया है। दरअसल अनुमंडल पदाधिकारी पहले खुद भी MBBS रह चुकी हैं। नतीजतन उन्होंने इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर रामनगर में लगातार छापेमारी अभियान चलाया है। जिसके तहत अब तक आधा दर्जन गैर निबंधित निजी नर्सिंग होम के संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है और आधा दर्जन अवैध नर्सिंग होम सील किए गए हैं। इसी जांच के दौरान 7 महिलाओं का यूटरस भी निकालने का मामला सामने आया था जिसकी अभी जांच चल रही है।
बगहा में सिर्फ 29 रजिस्टर्ड नर्सिंग होम
वायरल वीडियो में जो भी आरोप लगाए जा रहे है वह सरासर गलत है। सिविल सर्जन ने बताया कि उनके जिले में मात्र 29 रजिस्टर्ड नर्सिंग होम है। वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि छापेमारी से पहले संचालक और कर्मी फरार हो जाते हैं यह काफी चिंता का विषय है।
वीरेंद्र कुमार, सिविल सर्जन




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