पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक नया ऑफर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि जनहित के लिए अगर पाला बदलना पड़ता है तो नीतीश कुमार बदलें हम उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि जनहित के लिए पाला बदलना कोई गलत नहीं है।
उन्होंने महामाया बाबू का हवाला देते हुए कहा कि किसी जमाने में बिहार की राजनीति के दिग्गज रहे महामाया बाबू बार-बार पाला बदलते थे तो उनसे लोगों ने सवाल पूछा कि यह आप क्या कर रहे हैं। उन्होंने जवाब दिया था कि जनहित में यदि मुझे 100 बार भी पाला बदलना पड़ा तो मैं बदल लूंगा। यह बातें पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार की देर शाम मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा।
PK के दावे पर पूर्व सीएम ने दिया जवाब
मीडिया कर्मियों का सवाल यह था कि PK का बयान आया है कि नीतीश कुमार हरिवंश सिंह के जरिए बीजेपी के संपर्क में हैं और वह पाला बदल सकते हैं। इसी सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि जनहित की सोच के साथ यदि ऐसा करना पड़ता है तो कोई गलत नहीं है। हालांकि नीतीश बाबू ने इस बात का खंडन किया है।
नीतीश बाबू जितनी बार पाला बदलेंगे हम उनका स्वागत करेंगे- मांझी
साथ ही में मांझी ने यह भी जोर देते हुए कहा है एक बार नहीं दो बार कहा कि जनहित के मसले पर नीतीश बाबू पाला बदलते हैं तो हम उनके साथ हैं और उनका स्वागत करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी व्यक्तिगत सोच है कि वर्तमान परिस्थिति में यदि नीतीश बाबू को जनहित के मानकों पर सरकार चलाने में कहीं कोई दिक्कत महसूस हो रही है। तो वह इधर उधर की बात कर सकते हैं। हम उसका स्वागत करेंगे।
इसके अलावा इस मौके पर उन्होंने बिहार सरकार द्वारा रोजगार और नौकरी दिए जाने के मसले पर कहा कि रोजगार अलग चीज है और नौकरी अलग चीज है। आने वाले दो-तीन सालों में बड़ी संख्या में नौकरी मिलने वाली है। वहीं रोजगार के मसले पर कहा कि इस पर भी बहुत कुछ काम चल रहा है। यहां भी लोगों को रोजगार मिलेगा।
मांझी बोले- मैं राम को नहीं मानता, वो भगवान नहीं:राम सिर्फ रामायण के पात्र; उन्होंने शबरी का झूठा खाया, हमारे यहां कोई खाकर दिखाए



बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए हैं। जमुई में गुरुवार को अंबेडकर जयंती के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राम भगवान थोड़े ही थे, वह तो तुलसीदास और वाल्मीकि रामायण के पात्र थे। रामायण में बहुत सी अच्छी बातें लिखी हैं, इसलिए हम उसे मानते हैं, पर राम को नहीं जानते



Comment here