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बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री को मिले भारत रत्न:डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर मुजफ्फरपुर में जुटे जदयू – राजद के कई दिग्गज नेता

बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर मुजफ्फरपुर के MP सिन्हा साइंस कॉलेज में समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान जेडीयू और राजद के कई नेता और मंत्री जुटे। मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, शिवहर और सीतामढ़ी से हजारों की संख्या में लोग जयंती समारोह में पहुंचे। कॉलेज में काफी संख्या में लोग मौजूद हुए। इस दौरान मंच पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, बिहार विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर, MLC दिनेश सिंह, राजद विधायक मुन्ना यादव, अमर पासवान समेत कई दिग्गज नेता मंच से श्री कृष्ण सिंह को याद किया। मंच से नेताओं ने उन्हे भारत रत्न देने की मांग की। कहा की वे महापुरुष थे। सिर्फ देश और राज्य नहीं बल्कि समाज के सभी तबके का वे ख्याल रखते थे। इसलिए वे महान विभूति थे। उनके कार्यों को याद किया गया।

2024 में भाजपा की विदाई

मंच से जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पहले श्रीकृष्ण सिंह के बलिदान को याद किया। कहा की उनकी अनेक विभूतियां हैं। उनके योगदान को देश सदैव याद रखेगा। इसके बाद उन्होंने बोचहां की जनता का धन्यवाद दिया। कहा की जिस तरह बोचहां उपचुनाव में जनता ने जीत दिलाने का काम किया है। उसी तरह 2024 में भाजपा की विदाई भी सुनिश्चित करेंगे। अब ज्यादा का अंतर नहीं रह गया है। बिहार और बंगाल से सूपड़ा साफ हो जाएगा इस बार। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे को भी उठाया। कहा की कोई इसपर बात नहीं कर रहा है। देश में सिर्फ धार्मिक उन्माद फैलाने का काम किया जाता है। मंदिर और मस्जिद के नाम पर लोगों को बांटा जा रहा हैं। जनता सब समझ गई है। इस बार के लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएगी।

दीप प्रज्वलित कर दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पहुंचने के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। ये कार्यक्रम सभापति देवेश चंद्र ठाकुर ने आयोजित किया है। सभापति ने कहा की ये कोई पॉलिटिकल कार्यक्रम नहीं है। इसमें कोई विशेष जाती या धर्म के लोग नहीं है। जो लोग इसे सियासत बता रहे हैं। वे खुद श्री बाबू पर सियासत करते हैं। आप भीड़ देखकर अंदाजा लगा सकते हैं की ये श्री बाबू के महान कार्यों को याद करने के लिए एकजुट हुए हैं। केंद्र हमें भिखारी समझता है

जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा की हम सिर्फ श्री बाबू को प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में नहीं जानते बल्कि आजादी से पहले उन्हें देश के प्रधानमंत्री के रूप में जानते थे। अपने शासनकाल में जितना काम किया। वह पूरे देश के लिए उदाहरण है। श्री बाबू के योगदान को इतिहास याद रखेगा। श्री बाबू को लंबा कार्यकाल मिला। हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी लंबा कार्यकाल मिला है। बिहार को विकसित राज्य बनाने की ओर हमलोग केंद्र की तरफ देख रहे हैं। केंद्र अपने को दाता समझता है और ऐसा समझता है जैसे हमलोग कटोरा लेकर भीख मांग रहे हैं। आज यही चल रहा है। हिंदुस्तान की उस कुर्सी तक बिहार से कोई नहीं पहुंच पाया। यही कारण है की बिहार को मांगने पर भी हक नहीं मिल रहा है। हम सब को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। तभी ये संभव होगा

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