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Muz / जानलेवा हड़ताल:एंबुलेंस चालकों की हड़ताल की वजह से मरीजों की जाने लगी जान

एंबुलेंस चालकों की हड़ताल अब मरीजों के लिए जानलेवा साबित हाे रही है। मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण दम ताेड़ रहे हैं अथवा उनके परिजनों काे सरकारी के बदले प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी एंबुलेंस वाले मनमाना किराया ऐंठते हहैं।

किसी की माैत हाेने पर सरकारी मोर्चरी वैन भी नहीं मिल पा रही है। लिहाजा यहां भी निजी एंबुलेंस चालक मनमानी राशि वसूल रहे हैं। शनिवार काे घटी दाेनाें घटनाएं एंबुलेंस चालकों की हड़ताल की वजह से घटी। इतना ही नहीं सदर अस्पताल, एसकेएमसीएच और पीएचसी में संचालित एंबुलेंस के चालकों की हड़ताल के कारण रोजाना यहां आने वाले औसतन 400 से अधिक प्रसूता, बुजुर्गों और बच्चों काे निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है।

कुछ लाेग इन अस्पतालों में अा भी रहे हैं, ताे स्वयं के वाहन का सहारा लेना पड़ रहा है। सदर अस्पताल के प्रबंधक प्रवीण कुमार ने कहा कि हड़ताल की वजह से एमसीएच आने वाली प्रसूताओं काे परेशानी हाे रही है। इमरजेंसी से रेफर हाेने पर मरीजों काे कुछ क्रिटिकल मामलों काे छाेड़ खुद वाहन का इंतजाम करना पड़ता है।

हालात ऐसे कि लाश ले जाने तक के लिए नहीं मिल रहा शव वाहन

कॉल के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस

गायघाट की सुचिता देवी काे दिल का दाैरा पड़ा। बार-बार काॅल करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिला। परिजन निजी गाड़ी से एसकेएमसीएच के लिए निकले। पटियासा के पास बेहोशी की हालत हाे गई, ताे वहीं एक डॉक्टर के पास ले गए। वहां माैत हाे गई।

शव के लिए भी नहीं मिला वाहन

सीतामढ़ी से एसकेएमसीएच पहुंची एक महिला की शनिवार दोपहर माैत हाे गई। मोर्चरी वैन उपलब्ध कराने की गुहार लगाते रहे। अधीक्षक ने चालकों की हड़ताल का हवाला दिया। अंतत: 3000 रुपए किराया देकर निजी एंबुलेंस से शव ले गए।

बकाया वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं एंबुलेंस चालक

बकाया वेतन भुगतान, ओवरटाइम समेत अन्य मांगों काे लेकर एंबुलेंस चालक हड़ताल पर हैं। चालक संघ के अध्यक्ष माे. मुस्लिम ने कहा कि संचालन एजेंसी उन लाेगाें के साथ मनमानी करती है। पांच माह से वेतन नहीं मिला। इधर, एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी के ऑपरेशनल हेड धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि जान-बूझ कर कुछ चालक हड़ताल पर हैं। हड़ताल कर रहे 40 चालकों और 40 ईएमटी काे कार्य मुक्त कर दिया गया है। नए चालक व ईएमटी की पटना में ट्रेनिंग हाे रही है। शीघ्र ही इन्हें भेज कर संचालन शुरू कराया जाएगा। उधर, एजेंसी का दावा है कि मुजफ्फरपुर में संघ दाे भागाें में बंट गया है। आधे लाेग काम कर रहे हैं।

तीन माह में एंबुलेंस से मरीजों काे अस्पताल लाने का आंकड़ा

62 एंबुलेंस से जून में 5087 मरीजों काे अस्पताल पहुंचाया गया 60 एंबुलेंस से जुलाई में 5968 मरीजों काे अस्पताल पहुंचाया गया​​​​​​​

63 एंबुलेंस से अगस्त में 7704 मरीजों काे अस्पताल पहुंचाया गया

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