बेगूसराय में एक बार फिर पुलिस विभाग एवं सिस्टम की सच्चाई सामने आ रही है जिसमें की 307 मामले के आरोपी दो व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया लेकिन उसके बाद पुलिस जीप के बजाय ऑटो में लेकर पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। हद तो तब हो गई जब ऑटो भी धक्का मार निकला और पुलिस बल के द्वारा धक्का मारकर ऑटो को स्टार्ट करने की कोशिश की गई।

ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर इस क्रम में कैदी मौके से फरार हो जाते तो पुलिस क्या करती। इतना ही नहीं जब एएसआई नवीन कुमार से पूछा गया तो उन्होंने भी सीधे-सीधे जवाब देते हुए कहा कि अगर कैदी भाग जाए तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं जहां तक कोशिश होगी पकड़ने की उसे पकड़ लूंगा नहीं पकड़ सके तो भाग जाएगा ।
मामला परिहारा थाना की है। हालांकि जांच पड़ताल के बाद पुलिस के द्वारा उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। लेकिन जो तस्वीरें सामने आ रही है वह कहीं न कहीं पुलिस पर सवालिया निशान खड़े कर रही है। बताते चलें कि परिहारा थाना क्षेत्र में मारपीट के मामले में दो युवक को पकड़ कर सदर अस्पताल मेडिकल टेस्ट के टेंपो से लाया गया था। इस दौरान टेंपो को खुद पुलिस वाला भी स्टार्ट करने के लिए धक्का देने को विवश रहे।



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