जनता कर्फ्यू को सफल बनाने वाले लोग लॉकडाउन के पहले ही दिन ला’परवाह नजर अाए। सोमवार सुबह 8 बजे ही शहर की सड़कों व बाजारों में भी’ड़ एक’त्रित हो गए। हा’लात यह थे कि सुबह 11.30 बजे एमएस रोड पर ही 2 हजार से अधिक बाइक सवार अाैर 500 से अधिक चार पहिया वाहन नजर आए। मेडिकल स्टोर, किराने की दुकानों सहित पेट्रोल पंपों पर लोगों का हुजूम लगा हुआ था। मंडी में सब्जी खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। एक-एक व्यक्ति आठ-आठ दिन का स्टॉक एकत्रित करने में लगा था। सुबह हम्माल मंडी में 200 से अधिक मजदूर एक ही जगह एकत्रित थे। जब पुलिस जीप में सवार जवानों ने माइक से एनाउसमेंट कर उनसे घर जाने को कहा तो मजदूर कहने लगे- घर चले जाएंगे तो शाम को खाएंगे क्या।
असर… अस्पताल में 50 प्रतिशत म’रीज घटे लेकिन मेडिकल स्टोर्स-पेट्रोल पंप पर भीड़
जिला अस्पताल में सोमवार की ओपीडी में 50 प्रतिशत मरीज घट गए। शाम साढ़े 4 बजे तक कुल 741 मरीज अस्पताल में पहुंचे जबकि सामान्य दिनों में मरीजों की संख्या 1400 तक पहुंच जाती है। इसी प्रकार इमरजेंसी में सोमवार को 103 म’रीज दिखाने के लिए आए। इमरजेंसी में हर रोज 250 से 300 मरीज पहुंचते थे लेकिन अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर पर मरीजों की जबरदस्त भीड़ थी। एसपी डॉ. असित यादव ने खुद अस्पताल पहुंचकर वहां मरीजों के एकजुट होकर बैठने पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फ’टकार लगाते हुए म’रीजों को चार-चार फीट दूर खड़े होने की सलाह दी। वहीं नेहरू पार्क, सिटी कोतवाली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर भी लोगों की भीड़ लगी रही।

आज से शहर में 3 वक्त होगी सफाई, दवा का होगा छिड़काव
नगर निगम आयुक्त अमरसत्य गुप्ता ने सोमवार को नगर निगम अमले की मीटिंग लेकर निर्देश दिए कि शहर में लॉकडाउन है। इसलिए सफाई अमला शहर के मुख्य बाजारों, सड़कों पर दिन में तीन बार सफाई करेंगे। साथ ही सांची मिल्क पार्लर की नियमित चेकिंग होगी। अगर वे दुग्ध उत्पादों के अलावा गुटखा, तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट तो उनके लाइसेंस निरस्त होंगे।
3 फैक्टरियां चालू मिलीं, कलेक्टर ने घर भेजे श्रमिक
ऐसे में कहां जाना है… पेट्रोल पंप पर सुबह से बाइक-स्कूटर सवारों की कतार लग गई
अभी भी जागरूक नहीं: बाजार में बिना मास्क के दिखे लोग
लापरवाही… 130 नर्सें, अप-डाउन करने वालीं 10 आईं ही नहीं: जिला अस्पताल में कुल 130 से अधिक नर्सिंग स्टाफ पदस्थ हैं। इनमें से 50 नर्सें प्रसूति, ट्रेनिंग व आकस्मिक अवकाश पर हैं जबकि ग्वालियर से अप-डाउन करने वालीं 10 नर्सें ड्यूटी पर नहीं आईं। जिला अस्पताल की मेट्रेन मीना डेकाडे ने दोपहर ढाई बजे बताया कि हमारे यहां 10 नर्स अनुपस्थित हैं। बाद में सिविल सर्जन डा. अशोक गुप्ता से हुई चर्चा के बाद दोनों सीएस व मेट्रेन बोले कि हमारे यहां सिर्फ एक सिस्टर अनुपस्थित है। ग्वालियर से अप-डाउन करने वालीं 25 सिस्टर्स अपने साधनों से मुरैना आ गई हैं, इनमें से अधिकांश नाइट शिफ्ट में काम करेंगे।

आगे क्या: लॉक डाउन के दौरान जिला अस्पताल में सोमवार को काफी संख्या में म’रीज पहुंचे। कलेक्टर ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए मंगलवार से नॉर्मल ओपीडी बंद रखने के निर्देश दिए।
मजदूरों को घर लौटने के निर्देश देतीं कलेक्टर।
राहत.. मजदूरों का वेतन नहीं काट सकेंगे फैक्टरी मालिक: श्रमायुक्त
कोरोना वायरस को रोकने के लिए अधिकांश जिलों में फैक्टरी-उद्योगों को 31 मार्च तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमायुक्त आशुतोष अवस्थी ने निर्देश दिए हैं कि फैक्टरी बंद रहने के दौरान किसी भी मजदूर को अनुपस्थित न माना जाए, सेवा समाप्ति या सर्विस ब्रेक व वेतन काटने जैसी हरकत की तो संबंधित फैक्टरी मालिक के खि’लाफ दं’डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
31 मार्च तक मुरैना जिला लॉकडाउन होने के बाद भी 3 फैक्टरियों में श्रमिक काम करते मिले। कलेक्टर प्रियंका दास सोमवार को हाईवे स्थित रेड रोज मार्केटिंग लाल गुलाब ब्रांड मैदा-सूजी, बेसन एवं दलिया बनाने वाली फैक्टरी पहुंची तो वहां वर्कर काम करते मिले। कलेक्टर ने सभी वर्कर को घर भेजकर फैक्टरी बंद कराई। इसी प्रकार लश्करी पुरा रोड पर सरसों मिल पर मजदूर अंदर काम करते मिले। मिल मालिक को फटकार लगाते हुए फैक्टरी बंद कराई। सरसों से भरे ट्रकों को बाहर निकलवाया और मजदूरों को घर भेजा। यहां बिहार के रहने वाले 12 मजदूर मिले। इनकी पूरी डिटेल नोट करके भेजने के निर्देश देकर फैक्टरी परिसर में ही ठहराने के प्रबंध करने के निर्देश दिए। वहीं बानमोर स्थित अंबा शक्ति सरिया फैक्टरी पर जब पुलिस पहुंची तो अंदर कर्मचारी काम कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने फटकार लगाते हुए फैक्टरी पर ताला डलवाया।


Input: Dainik Bhaskar



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