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आरा सदर अस्पताल में जन्मी बच्ची, फेंककर भागे परिजन:काली ओढ़नी में लपेट शौचालय की नाली में फेंका

भोजपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मां की ममता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसी भी मां होती है, जो शौचालय की नाली में अपने ही कोख से जन्मी बच्ची को फेंक कर भाग सकती है? यह जानकर आप भी मर्माहत हो जाएंगे। मामला भोजपुर जिले के आरा सदर अस्पताल की है। डेढ़ से दो घंटे पहले जन्मी बच्ची को एक कलयुगी मां और उसके परिवार ने काले कपड़े में लपेटकर शौचालय के समीप छोटी मुंह वाली नाली में डालकर भाग निकले।

जानकारी के मुताबिक घटना रविवार की देर रात की है। सदर अस्पताल के लेबर वार्ड के अंदर स्थित शौचालय के समीप करीब डेढ़-दो घंटे पहले जन्मी बच्ची को काली ओढ़नी में लपेटे हुए पाया गया। सदर अस्पताल में बच्ची के इस तरह से मिलने की चर्चा तेजी से फैल गई। उसके बाद नवजात को नाली से बाहर निकालकर बच्चा वार्ड (एसएनसीयू) में अज्ञात के तौर पर भर्ती कराया गया। हालांकि बच्ची शौचालय में कहां से आई, किसी भी शख्स ने नहीं देखा।

शौचालय में इस तरह मिली बच्ची।

शौचालय में इस तरह मिली बच्ची।

घटना को लेकर सदर अस्पताल के प्रसूति विभाग की नर्स पूनम कुमारी ने बताया कि जब हमलोग वार्ड के काउंटर पर बैठे हुए थे, तभी उसी दौरान एक मरीज (लेडीज) आई और बोली कि शौचालय के समीप नाली में कोई बच्चे की रोने की आवाज आ रही है। उसके बाद मैं और वार्ड के गार्ड अभय सिंह और ममता दोनों ही शौचालय के नाली के पास गए। वहां बच्ची को काफी मशक्कत करके नाली से बाहर निकाला गया। ताकि किसी प्रकार से चोट नहीं लगे। उसके बाद हमलोगों ने इस नवजात बच्ची को लेबर वार्ड में रखा। फिर उसे बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया गया। फिलहाल बच्ची की सांसें चल रही हैं।

सदर अस्पताल में पहले भी आए हैं इस तरह के मामले।

सदर अस्पताल में पहले भी आए हैं इस तरह के मामले।

पहले भी सामने आया है मामला, अस्पताल की सिक्योरिटी पर भी सवाल

फिलहाल यह देखना दिलचस्प है कि क्या सदर अस्पताल यह पता लगा पता है कि आखिर प्रसूता वार्ड में दो घंटे पहले जन्मी बच्ची को किसने और कब नाली में फेंका और भाग निकले? वजह कि पिछले वर्ष 4 फरवरी 2021 को भी एक नवजात नाली में फेंकी हुई मिली थी। तब नाली में पड़े-पड़े नवजात की मौत हो गई थी। उस दौरान अस्पताल प्रबंधक कौशल कुमार दुबे ने बताया था कि नवजात हमारे अस्पताल की नहीं है। अगर सदर अस्पताल में जन्म होता तो रिकॉर्ड होता।

इस घटना को 19 महीने बीत चुके हैं। बावजूद पता चल सका कि अस्पताल परिसर में आकर इमरजेंसी वार्ड के बगल में नवजात शिशु को फेंक कर कौन भाग गया? इन घटनाओं ने सदर अस्पताल के सिक्योरिटी सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए हैं। आखिर प्रसूता वार्ड के बगल में भीड़-भाड़ और गार्ड की तैनात वाले एरिया में कैसे कोई काली ओढ़नी में बच्ची को लपेट कर आता है और फेंक कर भाग निकलता है। फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रबंधक की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।

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