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गर्ल फ्रेंड के लिए कपड़े भी चोरी कर लेता था, 12 घरों में चोरी करने वाला हाजीपुर का खिड़की तोड़वा गिरोह गिरफ्तार

शास्त्रीनगर थाना इलाके में पिछले छह माह में एक दर्जन चोरी की बड़ी वारदात काे अंजाम देने वाली हाजीपुर के खिड़की तोड़वा गिरोह के तीन चोरों के साथ ही हाजीपुर के ही चोरी के गहनों के खरीदार काे भी पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह के सरगना मनोज साह के अलावा प्रमोद साह और पिंटू साह और आभूषण कारोबारी संतोष साह हैं। ये सभी वैशाली के देसरी, लालगंज व गंगा ब्रिज थाना इलाके के रहने वाले हैं। इनके पास से भारी मात्रा में चांदी व सोने के गहनों को बरामद किया है। यह गिरोह बंद घरों के खिड़की के ग्रिल को उखाड़ने के बाद बेड रूम में घुसकर वहां रखे अलमारी के लॉक काे तोड़कर गहने व नकद लेकर फरार हाेता है।

पिछले छह माह में शास्त्रीनगर थाना के पटेलनगर के रोड नंबर 4, रोड नंबर 2, रोड नंबर 10 के अलावा समनपुरा व आसपास मुहल्लों में करीब एक दर्जन छोटी-बड़ी चोरी की वारदात काे अंजाम देकर नकद समेत एक करोड़ की संपत्ति चुरा ली थी। यह गिरोह गर्ल फ्रेंड के लिए साड़ी व कपड़े भी चोरी कर लेता है। इन तीन चोरों काे दबोचने के लिए पटना व वैशाली जिले की पांच थानों की पुलिस लगी हुई थी।

एसकेपुरी थाना में केस दर्ज था सरगना पर, इसी से पकड़ाया गिरोह

सरगना मनोज साह पर एक साल पहले एसकेपुरी थाना में केस दर्ज हुआ था और उसे जेल भेजा गया था। शास्त्रीनगर थाना इलाके में चोरी हुई घटनाओं में पुलिस काे सीसीटीवी कैमरे में फुटेज मिला था। पुलिस छानबीन कर रही थी। इसी बीच पुलिस काे मनोज के बारे में पता चला और वह एसकेपुरी थाना पहुंची। वहां से जेल गए चोरों की तस्वीरों काे खंगालने लगी। उसी में मनोज का फोटो मिला जाे शास्त्रीनगर थाना में वारदात करने वाले के फोटो से मिल रहा था।

शास्त्रीनगर थाना की पुलिस ने एसकेपुरी थाना से उसका नाम, पता व ठिकाना लिया। उसके बाद छापेमारी कर मनोज काे दबाेचा। फिर उसके दाे सहयोगियों प्रमोद और मिंटू के बाद संतोष काे भी पकड़ा गया। एसएसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि शास्त्रीनगर इलाके में इन लाेगाें ने 12 चोरी की वारदात की थी।

गहनों काे आधी कीमत पर खरीद फौरन गला देता था मामले में चोरी के गहने की खरीदारी के आरोप में गिरफ्तार आभूषण कारोबारी संतोष की राज ज्वेलर्स नाम से वैशाली के देसरी में दुकान है। संतोष इन चोरों से गहनों काे आधी कीमत पर खरीद सबूत मिटाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए गलाकर नया गहना बनाने के बाद ग्राहकों काे बेच देता है। संतोष का पटना से लेकर वैशाली तक चोरों के कई गिरोह से तार जुड़ा है।

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