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सोनिया ने लालू-नीतीश से मुलाकात कर मैसेज दिया!:तीनों के साथ वाले फोटो सामने नहीं आने पर उठे सवाल का सही जवाब नहीं दे पा रही जदयू

क्या राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी के उस बयान को कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी ठीक से समझ गईं जिसमें शिवानंद ने कहा था कि विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने का प्रयास तराजू पर मेढ़क तौलने जैसा है! सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सोनिया गांधी से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद मिले तो वह फोटो क्यों नहीं सामने आई ? सोनिया गांधी को राजनीतिक की खूब अच्छी समझ है। सोनिया गांधी ने पब्लिक के बीच या भाजपा विरोधी पार्टियां के बड़े नेताओं के बीच पॉजिटिव मैसेज देने के बजाय निगेटिव मैसेज देना जरूरी समझा। तीनों के साथ वाला फोटो सामने आता तो उससे बड़ा मैसेज जाता और नीतीश कुमार की मुहिम को काफी ताकत मिलती।
लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का लक्ष्य सोनिया गांधी समझ रहीं

सच यह है कि सोनिया गांधी समझ रही हैं कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद एक दूसरे के लिए राजनीति कर रहे हैं। बिहार में तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाना है और केन्द्र में नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री, इस लक्ष्य को कौन नहीं समझ रहा! हां नीतीश कुमार हर राजनीतिक मंच से इन दिनों यह जरूर बोल रहे हैं कि उनको अपने लिए कुछ नहीं चाहिए वे सिर्फ भाजपा विरोधी पार्टियों को एकजुट करना चाहते हैं। लालू प्रसाद ने विधानसभा चुनाव 2020 से लेकर नीतीश- तेजस्वी की सरकार बनने के बीच हुए उपचुनावों में कांग्रेस के साथ कैसा व्यवहार किया वह भी सोनिया गांधी देख चुकी हैं।

कांग्रेस की उदासीनता ही सामने आई

सूत्र बताते हैं कि लालू प्रसाद और नीतीश कुमार चाहते थे कि सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से बात करें। लेकिन सोनिया गांधी ने यह जिम्मा नीतीश कुमार को ही दे दिया। सोनिया गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अपनी व्यस्तता जाहिर कर दी। कांग्रेस में वर्षों बाद नेहरू परिवार से बाहर का कोई नेता अध्यक्ष बनने जा रहा है। तीनों के मुलाकात में सोनिया गांधी की उदासीनता ही सामने आई है। सोनिया गांधी से मिलकर बाहर आने के बाद जब नीतीश कुमार और लालू प्रसाद हाथ उठाकर फोटो खिंचवा रहे थे तब वह काफी अधूरा लग रहा था। यह कोई नई तस्वीर नहीं थी। सोनिया गांधी न सही कांग्रेस का कोई अन्य बड़ा नेता भी हाथ उठाकर साथ रहता तो कुछ बात बनती दिखती।

ललन सिंह ने सुशील मोदी को कमजोर जवाब दिया

इस सब के बीच भाजपा को भी कहने का मौका मिल गया। पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि झेंप मिटाने के लिए लालू-नीतीश ने हवा में उठे हाथ मिलाते हुए अपनी तस्वीर जारी की। कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश का ऐसा तिरस्कार किया कि इन दोनों को राष्ट्रीय राजनीति में अपनी औकात समझ में आ गई होगी। इस पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का बयान कितना ताकतवर है देखिए। ललन सिंह ने कहा कि – ‘आपकी खबर मैंने देखी, जिसमें आप बता रहे हैं कि नीतीश जी को सोनिया गांधी जी छोड़ने आई या नहीं, उनके साथ फोटो शेयर किया या नहीं। लगता है आज तक आप छात्र नेता से राजनेता बन ही नहीं पाए। खैर हमलोग तो चाहते थे कि तिरस्कृत के बजाय आपकी कुछ प्रोन्नति हो जाए। लेकिन सुन रहे हैं कि आपकी पदावनति हो रही है, फिर से आपको प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा रहा है, जो कि आप 15 साल पहले थे। वाकई आप दया के ही पात्र हैं।’

सोनिया गाधी नहीं चाहतीं कि राहुल की पदयात्रा का महत्व कम हो- रवि उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार

वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं कि नीतीश कुमार इससे पहले जब दिल्ली दौरे पर गए थे तब राहुल गांधी के साथ वाली तस्वीर शेयर की थी। इस बार लालू को लेकर नीतीश गए थे। नीतीश को लगा होगा कि लालू के साथ जाएंगे तभी सोनिया गांधी मिलेंगी। फिर भी वह फोटो बाहर नहीं आई। कांग्रेस भी बच रही है। राहुल की पदयात्रा से माहौल बदल रहा है और सोनिया गाधी नहीं चाहती थीं किसी दूसरे राजनीतिक घटनाक्रम से पदयात्रा का महत्व कम हो। सोनिया की नजर में नीतीश कुमार की विश्वसनीयता नहीं है। लालू की वजह से सोनिया- नीतीश की मुलाकात हुई। भेंट हुई या नहीं हुई उस पर भी सवाल खड़ा है। सिस्टम के अनुसार फोटो आ जाता है। बाहर आकर नीतीश- लालू ने घिसी पिटी बात की। हरियाणा की रैली में नीतीश को छोड़ कौन बड़ा चेहरा आया था ?

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