औरंगाबाद में बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के कुख्यात नक्सली विनय यादव को झारखंड के पलामू व औरंगाबाद पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई कर दबोच लिया गया है। उक्त नक्सली पर बिहार सरकार द्वारा तीन लाख व झारखंड सरकार द्वारा 15 लाख रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। विनय के साथ-साथ दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसका खुलासा शुक्रवार को औरंगाबाद एसपी कांतेश कुमार मिश्रा व पलामू एसपी ने संयुक्त रूप से किया।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सली विनय यादव उर्फ कमल जी उर्फ किसलय जी उर्फ मुराद जी उर्फ गुरू जी अंबा थाना के देउरा गांव का रहने वाला है। जबकि गिरफ्तार दो सहयोगियों में दाउदनगर थाना के मायापुर निवासी अमरेन्द्र पासवान उर्फ सत्या, अंबा के भलवारी खुर्द निवासी ईदरिश अंसारी शामिल है। गिरफ्तार नक्सली के जेब से 32 हजार रुपए व पचरूखिया कैम्प के पहाड़ी के खोह से बरामद गोदरेज से 20 लाख रुपए बरामद किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान उक्त नक्सली के गिरफ्तारी में भूमिका निभाने वाली टीम भी मौजूद रही। जिन्हें 20-20 हजार रुपए का ईनाम भी दिया गया।
डुमरी नाला पर आईईडी ब्लास्ट में भी शामिल था विनय
नक्सली विनय यादव 2016 में गया जिले के बांकेबाजार थाना के डुमरी नाला पर आईईडी ब्लास्ट में भी शामिल था। जिसमें 10 कोबरा वाहिनी के जवान शहीद हो गए थे। विनय यादव के खिलाफ बिहार के अलग-अलग थानों में कुल 54 मामला दर्ज है। जिसमें औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना में 21, सलैया थाना में एक, देव थाना में 15, ढिबरा थाना में 10, गया जिले के बांकेबाजार व बाराचट्टी थाना में सात मामला दर्ज है। इसके साथ-साथ झारखंड के अलग-अलग थानों में आठ मामला दर्ज है। जिसमें झारखंड पुलिस तलाश कर रही थी।
झारखंड पुलिस की एसआईबी को मिली थी सटीक सूचना
नक्सली विनय यादव को औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना के मायापुर गांव में होने की सूचना झारखंड पुलिस के एसआईबी टीम को मिली। जिसके बाद इसकी सूचना पलामू एसपी व औरंगाबाद एसपी से शेयर किया गया। फिर दोनों जिलों के एसपी द्वारा टीम गठित कर छापेमारी का निर्देश दिया गया। फिर जवानों ने छापेमारी कर मायापुर से उसे दबोच लिया। जब उससे पूछताछ की गई तो अलग-अलग जगहों पर करीब 60 लाख रुपए छिपाने की बात कही। जिसमें से 20 लाख रुपए पुलिस बरामद कर लिया है। जबकि अन्य पैसों की जानकारी विनय यादव को भी नहीं है कि कहां रखा गया है।



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