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बिहार में PFI केस में NIA की तीसरी रेड:पूर्णिया में प्रदेश स्तरीय दफ्तर में सुबह 3 बजे से तलाशी; कल आने वाले हैं शाह

नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गुरुवार आधी रात से 13 राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कई ठिकानों पर छापेमारी की, जो अब तक जारी है। कल से गृहमंत्री अमित शाह बिहार दौरे पर हैं। इससे ठीक पहले फुलवारी शरीफ आतंकी मॉड्यूल मामले में पूर्णिया स्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के प्रदेश स्तरीय कार्यालय में एनआईए ने गुरुवार को छापा मारा है।

इस मामले में बिहार में एनआईए की तीसरी बार रेड पड़ी है। पीएफआई टेरर मामले में केंद्रीय एजेंसी दो बार पहले भी अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर चुकी है। पूर्णिया के पीएफआई दफ्तर में रात 3 बजे से तलाशी ली जा रही है।

टेरर फंडिंग केस में हो रही इस कार्रवाई में इन राज्यों में PFI से जुड़े 106 सदस्यों को अरेस्ट किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार होने वालों में संगठन प्रमुख ओमा सालम भी शामिल है।

NIA की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, असम, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रेदश, पुडुचेरी और राजस्थान में जारी है। इसमें ED और राज्य पुलिस भी NIA के साथ हैं। सूत्रों के मुताबिक इस रेड को NIA के करीब 200 अधिकारी अंजाम दे रहे हैं।

बिहार में गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले राज्य की राजनीति अपने चरम पर है। इसी बीच BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पूर्णिया में नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बता दिया।

पूर्णिया के पीएफआई दफ्तर में रात 3 बजे से तलाशी ली जा रही है।

शाह का कल से 2 दिन सीमांचल दौरा

गृह मंत्री अमित शाह 23 और 24 सितंबर को दो दिनों के बिहार दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह पूर्णिया में जनसभा करने के साथ ही किशनगंज में बीजेपी सांसद, विधायक, संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

इसमें 2024 में होने वाले संसदीय चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने की संभावना है। दोनों जिलों में मुस्लिम आबादी अधिक है। ऐसे में 2024 के संसदीय और 2025 के विधानसभा के चुनाव को देखते हुए अमित शाह का दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिहार में 9 जिलों में SDPI के प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव के घर छापा मारा था
पटना के फुलवारी शरीफ से सामने आए PFI कनेक्शन के बाद NIA ने 8 सितंबर को बिहार के 9 जिलों में 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें पटना के फुलवारी शरीफ के अलावा वैशाली, मधुबनी, छपरा, अररिया, औरंगाबाद, किशनगंज, नालंदा और जहानाबाद शामिल थे।

अररिया के जोकीहाट में SDPI के प्रदेश महासचिव एहसान परवेज घर भी NIA पहुंची थी। वैशाली में PFI के जिला प्रेसीडेंट रेयाज अहमद के घर छापा मारा। छपरा में रेयाज अहमद के परिजनों से टीम ने पूछताछ की है। नालंदा के सोहसराय थाना क्षेत्र के खासगंज मोहल्ले में SDPI के प्रदेश अध्यक्ष शमीम अख्तर के घर छापेमारी हुई थी।

छापे के बहाने गिरिराज ने नीतीश को घेरा
इस मामले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, PFI जो भारत विरोधी काम करता है। पूर्णिया को उसने अपना सेंटर बनाया है। ये दुर्भाग्य है जब फुलवारी शरीफ में PFI पर छापे पड़े तब पुलिस का निराशाजनक वक्तव्य आया था। नीतीश और लालू बाबू तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं।

इस मामले में बिहार में एनआईए की तीसरी बार रेड पड़ी है।

इस मामले में बिहार में एनआईए की तीसरी बार रेड पड़ी है।

जुलाई में सामने आया था फुलवारी शरीफ का कनेक्शन
11 जुलाई को फुलवारी शरीफ के नया टोला से PFI और SDPI से जुड़े लोगों के अड्डे पर पटना पुलिस ने छापेमारी की थी। पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग जगहों से चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें खुलासा हुआ था कि इनके निशाने पर सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं, पूरे देश की व्यवस्था भी थी।

भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाने की साजिश के लिए इन लोगों ने सात पेज का एक्शन प्लान बनाया था, जिसमें लिखा था- 10 प्रतिशत मुस्लिम साथ दें तो बहुसंख्यक घुटनों पर आ जाएंगे। इनकी योजना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से दलित-OBC को अलग करने की भी थी।

इस मामले में फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी के बयान के आधार पर बिहार के अन्य जिलों से 26 लोगों को नामजद किया गया था। इस मामले में अभी भी 22 लोग पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। बाद में यह मामला NIA को सौंप दिया गया था

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