लालू प्रसाद के बेटे और उपमुख्यंत्री तेजस्वी यादव पर सीबीआई के तेवर तल्ख हैं। सीबीआई, तेजस्वी यादव को जमानत देने के विरोध में है। भाजपा सीबीआई की कार्यवाही का समर्थन कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा को यह डर खाए जा रहा है कि जो हम बिहार के युवाओं को लाखों नौकरी देने जा रहे हैं, वो पूरा होते ही बाकी राज्यों में भी ऐसा मांग उठने लगेगी। तब भाजपा क्या करेगी!
बता दें कि तेजस्वी यादव ने वर्ष 2020 का बिहार विधान सभा का चुनाव युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वादे के साथ लड़ा था। शायद ही कोई चुनावी मंच रहा हो जहां तेजस्वी ने नहीं कहा हो कि वे सरकार में आएंगे तो कैबिनेट की पहली बैठक में पहली कलम से 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देंगे। उस वादे का असर यह हुआ कि तेजस्वी की पार्टी राजद बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनी। अब जब तेजस्वी सीबीआई से घिरे हैं तो उन्होंने एक बार फिर से युवाओं को रोजगार के मुद्दा को पॉलिटिकल हथियार की तरह इस्तेमाल किया है।
97 फीसदी विपक्षी नेताओं पर केस दर्ज- राजद
राजद ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर लिखा है कि-‘ एनडीए-2 में पक्षपाती तोते सीबीआई ने 97 फीसदी विपक्षी नेताओं पर केस दर्ज किया हैं ताकि बीजेपी को मदद कर सके ? खूंखार गुंडों, अपराधियों और भ्रष्टाचारियों की पार्टी भाजपा के नेताओं पर कोई छापा नहीं। भ्रष्ट भाजपाईयों ने देश की सबसे बड़ी एजेंसी का ‘ थाने ‘ से भी बुरा हाल बना दिया है शर्मनाक !’
सुनील कुमार सिंह पहले ही आशंका जता चुके हैं
इसका अंदेशा राजद को पहले से ही था कि तेजस्वी जिस तरह से राजद को संभाल रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं उससे आशंका है कि तेजस्वी और तेजस्वी के नजदीकियों पर सीबीआई की दबिश बढ़े। यह आशंका राजद के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह ने उस समय भी जाहिर की थी जब सिंह के पटना स्थित आवास पर सीबीआई की छापेमारी हुई थी। सुनील सिंह ने तब कहा था कि भाजपा और सीबीआई का एक ही मकसद है कि किसी भी तरह से तेजस्वी यादव को फंसाया जाए।
तेजस्वी और उनके समर्थकों को संयम दिखाना चाहिए था- ध्रुव कुमार, राजनीतिक विश्लेषक
राजनीतिक विश्लेषक ध्रुव कुमार कहते हैं कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के मामले में सीबीआई का पक्ष इसलिए मजबूत है कि तेजस्वी यादव का बयान सीबीआई पर जिस तरह से आया वह बेल को रद्द करने के लिए पर्याप्त है। तेजस्वी जमानत पर हैं उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए। शायद ये तेजस्वी भूल गए और इसका फायदा उठाने जा रहा है सीबीआई। तेजस्वी उपमुख्यमंत्री हो गए तो क्या हुआ उन्हें संयम दिखाना चाहिए। जिस दिन राबड़ी देवी के आवास पर सीबीआई की छापेमारी हुई थी उस दिन भी राजद के कई नेताओं ने भद्दे तरीके से नारेबाजी की थी। राबड़ी देवी के आवास का गेट पीटा गया था। जान जोखिम में डालकर सीबीआई के अफसर गाड़ी में लदकर भागे थे। यह अलग है कि तेजस्वी, सीबीआई की दबिश को राजनीति से जोड़ कर देख रहे हैं और रोजगार- नौकरी के मुद्दे के जरिए भाजपा और सीबीआई को घेर रहे हैं।
सीबीआई को कोई डरा नहीं सकता- प्रेमरंजन पटेल, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि सीबीआई अपना काम करती है। सीबीआई को लगता है कि कोई बाहर रहकर उनके कार्य में बाधा डाल रहा है तो वह जमानत रद्द करवा सकती है। लालू प्रसाद के रेलमंत्री रहते अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करना, मॉल की जमीन लेना ये सब सीबीआई के संज्ञान में है। सीबीआई को लालू परिवार या उनकी पार्टी के लोग डराना चाहते हैं लेकिन वह डरने वाली एजेंसी नहीं है।







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