भोजपुर जिले के शाहपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद पति वरिष्ठ प्रसाद उर्फ मंटू सुनार को गोली मारे जाने के मामले में भोजपुर पुलिस ने उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने कांड में शामिल दो शूटर समेत पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।
भोजपुर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य पार्षद पति की हत्या करने के लिए कई दिनों पहले योजना बनाई गई थी। इसके लिए दो लाख की सुपारी दी गई थी। हत्या के लिए तीन शूटर भी हायर किए गए थे। जिसके बाद शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए मुख्य पार्षद पति को गोली मार दिया था। हमले में गोली लगने के बाद भी मुख्य पार्षद पति बच गए थे ।
एसपी ने बताया कि चुनावी रंजिश एवं पूर्व के प्रतिशोध को लेकर घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले में शाहपुर थाना क्षेत्र के सहजौली गांव निवासी आकाश राय, कोइलवर के काजी मोहल्ला निवासी अन्नू रहमान, शाहपुर निवासी रोहित कुमार धानुक, और शाहपुर निवासी ऋषभ कुमार वर्मा को भोजपुर पुलिस ने इस कांड में गिरफ्तार किया है। इस कांड में रिषभ कुमार वर्मा नामजद है। गिरफ्तार आकाश तथा अनुसूत्र बताया जा रहा है ।
घर के बाहर खड़े थे मुख्य पार्षद पति, तभी मारी गोली
7 सितंबर की देर शाम शाहपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद पति सह पूर्व मुख्य पार्षद वशिष्ठ प्रसाद उर्फ मंटू सुनार शाहपुर गैस एजेंसी के सभी को अपने घर पर बाहर खड़े थे, उसी दौरान वहां हथियार बन अपराधी आ धमके और ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दिए। गोलीबारी में जख्मी हो गए थे। आनन-फानन में परिजनों द्वारा आरा सदर अस्पताल लाया गया । जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद भटूरे ने पटना रेफर कर दिया था। घटना के बाद 13 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जगदीशपुर एसडीपीओ श्याम रंजन किशोर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी।




गुप्त सूचना व तकनीकी सूत्र के आधार पर भोजपुर पुलिस ने इस कांड का पर्दाफाश कर दिया। कांड में शामिल दो शूटर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है साथी कांड में प्रयुक्त तीन बाइक एवं पांच मोबाइल को जप्त कर लिया गया। टीम में डीआईयू प्रभारी शंभू भगत, शाहपुर थाना अध्यक्ष नित्यानंद राय, दरोगा राकेश कुमार, कुमार रजनीकांत, राजीव रंजन, अवधेश कुमार समेत सिपाही विपुल, ब्रह्मानंद पाठक, अमित कुमार, सुकेश,कपिल मंडल,संजय पाल और शैलेश शामिल थे।
11 वर्षों से चली आ रही खूनी रंजिश
वही भोजपुरी पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि करीब 11 वर्षों से शोध-प्रतिशोध में दोनों पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा है। अब तक 11 वर्षों में हत्या, हत्या के प्रयास एवं आर्म्स एक्ट समेत 12 केस हो चुके है। वर्ष 2016 और 19 में चार-चार घटनाओं को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुरानी रंजिश को लेकर इस बार पूर्व मुख्य पार्षद को मारने के लिए तीन शूटर किए गए थे। दूसरे पक्ष के लोगों ने नगर निकाय चुनाव को प्रभावित किए जाने को लेकर घटना को अंजाम दिया गया था ।



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