दसवीं और 12वीं पास युवाओं के लिए ब्लॉक स्तर पर सरकारी नौकरी के लिए सुनहरा अवसर। दस हजार पदों पर होगी भर्ती। इसके लिए 1 सितंबर से 20 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित हैं…। लेकिन, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह भ्रामक और फर्जी बहाली है। यू-ट्यूबर सिर्फ अपने लाइक-कमेंट और सब्सक्राइब के लिए ऐसे वीडियो अपलोड कर रहे हैं।
अभी ताजा मामला बिहार पंचायत भर्ती का है। प्रखंडाें के 10 हजार पदाें पर बहाली का सब्जबाग दिखाने के बाद अब यू-ट्यूबर किमाया ट्यूटोरियल (केटी) ने बिहार पंचायत भर्ती 2022 के नाम से राज्य के सभी 38 जिलाें में 10वीं व 12वीं पास बेरोजगारों के लिए 10 हजार पदाें पर भर्ती का वीडियो अपलाेड किया है। इसको लेकर बड़ी संख्या में आ रहे आवेदन पर एसडीओ पूर्वी ज्ञान प्रकाश व एसडीओ पश्चिमी वृजेश कुमार ने कहा कि यह भ्रामक सूचना है।
इसके विरुद्ध ठाेस जानकारी हाेने पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। यूट्यूब पर नल-जल व गली-नाली के ऑपरेटर पद, स्टेट व जिला क्वालिटी माॅनिटर के पद पर बिहार सरकार द्वारा बहाली करने की बात कही गई है। इसके लिए प्रति माह 26 हजार रुपए सैलरी भी मिलने की जानकारी दी है। यही नहीं, 30 सितंबर तक मेधा सूची प्रकाशित हाेने व 20 अक्टूबर काे ज्वाइनिंग लेटर मिलने की जानकारी दी गई है।
बिहार के सभी अनुमंडल कार्यालयों में आ रहे आवेदन, मुजफ्फरपुर प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा
यूट्यूब पर बहाली की जानकारी को सही मान भर रहे फॉर्म
प्रखंड के पंचायत स्तरीय पद के लिए फॉर्म जमा करने वाले मनियारी के राजवीर राव ने बताया कि यूट्यूब पर जारी वैकेंसी को सही मानकर आवेदन कर रहे हैं। इसी प्रकार मीनापुर के अभय आलाेक और अनुरंजन कुमार ने भी आवेदन किया है।
एसडीओ पूर्वी-पश्चिमी ऑफिस में स्पीड पोस्ट से आ रहे आवेदन
मुजफ्फरपुर जिले के एसडीओ पूर्वी व पश्चिमी कार्यालय में प्रखंड स्तरीय पदाें के लिए पहले आ रहे आवेदन के बाद अब पंचायत स्तरीय पदाें के लिए भी काफी संख्या में आवेदन आ रहे हैं। एसडीओ पूर्वी कार्यालय के सहायक ने बताया कि आवेदन लेकर सीधे आने वालाें काे फर्जी बहाली बताकर वापस किया जा रहा है। लेकिन, स्पीड पाेस्ट से बड़ी संख्या में आवेदन आ रहे हैं। स्पीड पाेस्ट में अब काैन सा पत्र आया है, उसकाे एकत्र किया जा रहा है।
एक्सपर्ट व्यू- प्रो. आशीष कुमार, एमआईटी, साइबर एक्सपर्ट
झांसा देकर पैसा वसूलने के लिए सारे हथकंडे
फर्जी तरीके से वेबसाइट बनाकर या यूट्यूब चैनल पर नौकरियों की वैकेंसी प्रदर्शित कर पैसा वसूलना आज आम बात है। जितनी बार संबंधित चैनल या वेबसाइट पर यूजर जाएंगे, उतना संबंधित प्लेटफॉर्म को हिट, लाइक और व्यूज मिलेगा।
इसके बदले में उसे पैसा मिलता है। कोई भूले-भटके फर्जीवाड़ा में फंस गया तो उससे अलग से कमाई होती है। जागरूकता से लेकर बार-बार क्रॉस वेरिफिकेशन ही इसका एकमात्र बचाव है। प्रशासन शिकायत कर संबंधित यूट्यूब चैनल को ब्लॉक करा सकता है। वहीं, यूजर भी ऐसे चैनल को स्पैम करार देते हुए रिपोर्ट कर सकते हैं।






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