कोरोना के कारण शनिवार रात से रविवार रात तक देश में रेल यातायात ठप रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जनता कफ्र्यू’ के पालन के आहवान के मद्देनजर रेल मंत्रालय ने शनिवार रात 12 बजे से रविवार रात 10 बजे के बीच देश में रेल यातायात को पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान पहले से चल रही ट्रेनों को रास्ते के स्टेशनों पर रोक लिया जाएगा और यात्रियों को प्रतीक्षालयों में रखा जाएगा। यही नहीं, इस दौरान मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और दिल्ली जैसे महानगरों में लोकल ट्रेनों का संचालन भी अत्यंत सीमित रहेगा। यह पहली बार हो रहा है कि रेल संचालन इतनी बड़ी संख्या रोका गया है।

ट्रेन संचालन पर ब्रेक
रेल मंत्रालय की ओर से सभी महाप्रबंधकोंको जारी निर्देश के अनुसार 21-22 मार्च की उक्त अवधि के दौरान कोई भी जोन अपने यहां से कोई ट्रेन नहीं चलाएगा। इसका मतलब हुआ कि देश भर में रोजाना चलने वाली 2400 पैसेंजर ट्रेने तथा 1300 मेल/एक्सप्रेस ट्रेने नहीं चलेंगी। इन ट्रेनों के लिए की गई बुकिंग रद मानी जाएगी और इनका पूरा पैसा यात्रियों को रिफंड किया जाएगा।
चालू ट्रेनों के यात्री स्टेशनों पर रहेंगे
खानपान इकाइयों पर अंकुश
रेलवे स्टेशनों में खानपान इकाइयां, फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम, जन आहार, शेल किचन तथा अन्य दुकाने इन रुके हुए यात्रियों को खाना-पानी और जरूरी चीजें मुहैया कराने के लिए केवल 22 मार्च रात 10 बजे तक खुली रहेंगी। उसके बाद सबको अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया जाएगा। मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में कैटरिंग सेवाएं भी सामान्यतया उपलब्ध नहीं होंगी। मांग होने पर केवल चाय और काफी तथा पैकेटबंद आइटम बेचने की अनुमति दी होगी।

इस दौरान जो ट्रेने पहले से चल चुकी होंगी और रास्ते में होंगी उनके यात्रियों को बीच में ही रोककर स्टेशन पर उतार लिया जाएगा और प्रतीक्षालयों, मुख्य हॉल आदि जगहों पर थोड़ी-थोड़ी दूर बनाकर रखा जाएगा। जोनल अधिकारियों से कहा गया है कि इस दौरान वे स्टेशनों की स्थिति पर बारीक नजर रखे तथा सुनिश्चित करें कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए और नही किसी प्रकार की विषम स्थिति पैदा हो।
90 ट्रेनें रद
वही, रेलवे ने यात्रियों की कम संख्या और कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर 20 से 31 मार्च के बीच चलने वाली 90 ट्रेनें शुक्रवार (20 मार्च) को रद्द कर दी हैं। इसके साथ ही रद की गईं ट्रेनों की संख्या बढ़कर 245 हो गई है। इससे पहले बृहस्पतिवार (19 मार्च) को रेलवे ने 84 ट्रेंने रद करते हुए कहा था कि कोरोना वायरस के चलते 155 ट्रेनें रद की जा चुकी हैं।


बताया जा रहा है कि जिन लोगों ने इन ट्रेनों में टिकट बुक कराए थे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से इसकी जानकारी दी जा रही है। इन ट्रेनों में टिकट रद होने का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यात्रियों को पूरा पैसा वापस मिलेगा।सामाजिक दूरी सुनिश्चित करना जरूरी है।
Input: Jagran



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