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काशी विश्वनाथ और संकटमोचन मंदिर में भी आम दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद…

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए काशी विश्वनाथ, सं’कटमोचन और अन्नपूर्णा मंदिर समेत सभी प्रमुख मंदिरों में आम दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। विश्वनाथ मंदिर में शुक्रवार की रात सप्तऋषि आरती के बाद पाबंदी लागू कर दी गई। प्रतिबंध के कारण मंगला समेत सभी आरती के टिकटों की बिक्री भी बंद कर दी गई है। फिलहाल 24 मार्च तक के लिए यह प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इस दौरान मंदिर में केवल पुजारी ही पूजा पाठ के लिए जा सकेंगे। मंगलवार को मंदिर प्रशासन ने गर्भ गृह में दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित किया था। फिलहाल 31 मार्च तक गर्भ गृह में प्रवेश पर पाबंदी पहले से लगी है। प्रतिबंध के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालु बाहर से ही ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर रहे थे। वहीं, अन्नपूर्णा मंदिर को भी आम दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया गया है। मारकंडे महादेव में भी आम लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है।

संकटमोचन मंदिर को 25 मार्च तक के लिए बंद किया गया है। शनिवार की सुबह से ही दर्शनार्थियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। यहां शनिवार औऱ मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ती है। शनिवार को भी भीड़ उमड़ने और कोरोना के संक्रमण के फैलने जैसी किसी आशंका में शुक्रवार रात यह फैसला ले लिया गया। इधर बीच मंदिर में लगातार सैनिटाइज किया जा रहा था। दीवारों से लेकर फर्श तक पर केमिकल से सफाई हो रही थी। दर्शनार्थियों को भी सेनेटाइज से हाथ साफ करने के बाद ही प्रवेश मिल रहा था। मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने बताया कि अगला हफ्ता बहुत ही संवेदनशील है। शनिवार औऱ मंगलवार को भारी भीड़ होती है। उस दौरान एक एक व्यक्ति की स्क्रीनिंग संभव नहीं है। छोटी से चूक भारी पड़ सकती है। भक्तगण के साथ पूरा शहर सुरक्षित हो इसलिए कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता है। मंदिर में पूजन पुजारी लोग करते रहेंगे। आम दर्शनार्थी नहीं आ सकेंगे। बुधवार 25 तारीख तक स्थित ठीक रही तो आगे के लिए फैसला लिया जाएगा। महंत जी ने लोगों से अपील की कि जितना संभव हो अपने घरों में रहें। 

विश्वनाथ मंदिर में रविवार से विशेष सतर्कता भी बरती जा रही थी। सभी लोगों के लिए हैंडवाश से हाथ धोना जरूरी कर दिया गया था। मंदिर में प्रवेश के लिए सुरक्षा जांच से पहले ही हाथ धुलवाया जा रहा था। इसके लिए गेट नंबर चार और पांच पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई थी। फिलहाल इन्हीं दो गेटों से मंदिर में प्रवेश मिल रहा था। दो दिन पहले ही काशी की भव्य गंगा आरती में भी आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था। दशाश्वमेध और आरपी घाटों पर होने वाली आरती के आयोजक सिर्फ पूजा परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं। सात ब्राह्मणों की जगह एक ब्राह्मण आरती कर रहा है। कोरोना के कारण ही अन्तरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल सारनाथ के मुख्य मंदिर मूलगंधकुटी स्थित बौद्ध मंदिर और खजुही गांव में स्थित वज्र विद्या संस्थान के बौद्ध मंदिर को भी अनिश्चितकाल के लिए आम पर्यटकों सहित बौद्ध तीर्थ यात्रियों के लिए बन्द कर दिया गया है। उधर, शुक्रवार से ही विंध्यवासिनी देवी मंदिर को भी बंद कर दिया गया है। शुक्रवार को मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट आम लोगों के लिए बंद कर दिए  गए। गुरुवार से गर्भ गृह में प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई थी। फिलहाल केवल झांकी दर्शन ही हो रहा था। 

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