पटना के कंकड़बाग से दो लोगों का अपहरण कर लिया गया। इसमें एक मेडिविजन हॉस्पिटल के प्रबंधक रवि रंजन और स्टाफ सुभाष हैं। यह हॉस्पिटल 90 फीट इलाके के पास है। इन दोनों को बुधवार की अहले सुबह ही उठाया गया था। अपहरण करने में कुल तीन लोग शामिल थे। प्रबंधक और उनके स्टाफ को स्वीफ्ट कार से ले जाया गया था।
जब यह मामला कंकड़बाग थाना पहुंचा तो पटना पुलिस के अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। बड़ी बात ये है कि जिन बदमाशों ने दोनों को अपहरण किया, वो कॉल कर 10 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे थे। इसके लिए बार-बार प्रबंधक के परिवार वालो को कॉल कर रहे थे।
टावर लोकेशन के आधार पर कार्रवाई
अपहरण किए गए दोनों लोगों की सही सलामत बरामदगी के लिए पुलिस ने एक स्पेशल टीम बनाई। जिसमें कंकड़बाग के थानेदार रवि शंकर को भी शामिल किया गया। जिस नंबर से अपहरण करने वाले फिरौती के लिए कॉल कर रहे थे, उस नंबर का पुलिस ने टावर लोकेशन खंगालना शुरू किया। तब जाकर स्पष्ट हुआ कि वो लोग सारण जिला की ओर जा रहे हैं। इसके बाद पटना पुलिस ने सारण की प्रभारी SP सायली धूरत सावलाराम से बात की। इसके बाद वहां भी एक स्पेशल टीम बनाई गई। जिसमें डेरनी, दरियापुर, गरखा और परसा थाना की टीम शामिल थी।
कार में मिले कुल 5 लोग
टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम लगातार काम कर रही थी। जब पुलिस को अपराधियों का लोकेशन डेरनी थाना इलाके में मिला तो वहां सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दरम्यान पीरारी गांव में फिरारी सर्विस सेंटर के पास व्हाइट कलर की एक स्वीफ्ट कार को पकड़ा गया। इसमें कुल 5 लोग बैठे मिले। इनमें अपहरण करने वाले तीन बदमाशों के साथ ही हॉस्पिटल के प्रबंधक और उनके स्टाफ भी शामिल थे।
इन दोनों को पुलिस ने वहां से सकुशल बरामद किया। साथ ही कार को जब्त कर तीनों बदमाशों को अपने कब्जे में लिया। सारण की प्रभारी SP ने बरामद प्रबंधक और स्टाफ के बरामद किए जाने की पुष्टि की है। हालांकि, पटना पुलिस के अधिकारी अभी कुछ बोल नहीं रहे हैं। पटना लाकर अपराधियों से पूछताछ की जा रही है।






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