समस्तीपुर में डेंगू के रोगियों को अब दरभंगा व पटना का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा सदर अस्पताल में ही जांच से लेकर उपचार की व्यवस्था होगी। इसके लिए सदर अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र को डेंगू वार्ड के रूप में परिणत किया गया है।
गत दो सालों से नशा मुक्ति केंद्र में एक भी मरीज नहीं आया है। इसके लिए डॉ आरके मंडल को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। इस वार्ड में डेंगू के व्यस्क मरीज को रखा जाएगा। जबकि अगर कोई बच्चा पीड़ित आता है तो उसे पिकू वार्ड में रखा जाएगा। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ गिरीश कुमार ने बताया कि बच्चा मरीजों के नोडल पदाधिकारी डॉ नागमणि राज बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू वार्ड के लिए अलग से मेडिकल टीम का गठन कर दिया गया है।

आज से शुरू होगा सदर अस्पताल में डेंगू जांच , रोगी कल्याण समिति से खरीदे जाएंगे किट
एनसीडीओ डॉ विजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार से सदर अस्पताल समेत जिले के सभी पीएचसी में डेंगू की जांच शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्टोर से डेंगू जांच किट नहीं मिलने की दशा में सदर समेत पीएचसी को आदेश दिया गया है कि वह रोगी कल्याण समिति के फंड से तत्काल सदर में 20 व पीएचसी में 5-5 डेंगू जांच किट खरीद कर रख लें। अगर पीएचसी में कोई संभावित मरीज आता है तो किट से जांच के बाद उसका रक्त लेकर मेडिकल कॉलेज जांच के लिए भेजना है। ताकि केश कंफर्म हो सके।
सदर अस्पताल में ही हो जाएगा डेंगू का इलाज
एनसीडीओ डॉ विजय कुमार ने बताया कि जांच उपरांत केस कंफर्म हो जाने पर डेंगू का सदर अस्पताल में इलाज किया जाएगा। मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं है। नियमित दवा के सेवन से मरीज एक सप्ताह के अंदर ठीक हो जाते हैं। अन्य बीमारी की तरह इसमे भी समान्य पारासिटामॉल दिया जाता है।मरीज को अधिक पानी का सेवन करना होता है।



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