सिकटी प्रखंड क्षेत्र के के पूर्वी भाग में बहने वाली नूना नदी मंगलवार को दो बजे दिन के बाद उफना गई। नइसे सिघिया वार्ड नंबर तीन के दो परिवार के घर नदी में समा गया। अभी तक नूना की धारा में नौ घर विलीन हो चुके हैं। इस वर्ष नूना नदी 12वीं बार उफनाई है। केवल इस वर्ष 100 एकड़ से अधिक खेत में फसल बर्बाद कर रेत डाल दी है।/
हालांकि विगत वर्ष 1000 एकड़ से अधिक खेत हो गए थे। नदी के उफनाने से घोड़ा चौक, सिघिया, साहू टोला पडरिया, मांझी टोला पडरिया, व गनगाय टोला पडरिया के दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। हालांकि शाम के बाद नूना नदी के जल स्तर में कमी आने लगी थी। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के धारा परिवर्तन होने के बाद से नदी खेत होकर बह रही है। बाढ. पीडितों को प्रशासन द्वारा अभी तक सिर्फ प्लास्टिक दिया गया है।
फ्लड फाइटिंग अभियान हुआ विफल
जल निस्सरण विभाग की तरफ से बाढ़ के पानी को गांव जाने से रोकने के लिए हाल ही में बांस की पाइलिंग कर उसमें बालू का बोरी भर कर दिए जाने का काम शुरू हीं हुआ था। तब तक नदी उफना गई। तब नदी ने अपनी धारा का परिवर्तन कर लिया। जब बरसात का मौसम आता है तब विभाग द्वारा फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू किया जाता है।
नेपाल के पहाड़ से आने वाली रेत से बंजर हो रही जमीन
जरूरी है नेपाल की तरह बने तटबंध
सिकटी के रहने वाले कमरूज्जामा ने बताया कि जनवरी माह के बाद नूना नदी पूर्ण रूप से सूख जाती है। यदि उसी समय तटबंध का मरम्मत कर बोल्डर पिचिंग कर दिया जाए तो बाढ़ व तटबंध मरम्मत कर स्थाई निदान निकल सकता है। उन्होंने बताया कि नेपाल में नेपाल सरकार ने नदियों के दोनों साइड तटबंध बनाकर उसमें बोल्डर पीचिंग कर दिया है। जिस कारणा नदी नेपाल में तबाही नहीं मचा पाती है। सीओ विरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि नदी उथली है। जल स्तर में वृद्धि होने से गांव में पानी घुस जाता है। जितना तेजी से पानी आता है उतना हीं तेजी से पानी चला भी जाता है। अभी तक पडरिया पंचायत में आठ सौ लोगों को प्लास्टिक दिया गया है।
अपने हाथों से तोड़ रहे हैं आशियाना
कटाव के रुख को देख सिघिया व घोड़ा चौक के ग्रामीणों ने घर को तोड़ना शुरू कर दिया है। ताकि घर की ईंट, ग्रिल, गेट और अन्य समान को सुरक्षित कर सके। ग्रामीण बताते हैं कि पंजाब दिल्ली कमाकर पेट काट काट कर घर बनाया था, लेकिन नदी के धारा परिवर्तन करने से घर नदी में समा रहा है। अब कहां जाएंगे तथा कहां पर अपना घर बनायेंगे।
धारा परिवर्तन से इस वर्ष इनके घर हुए विलीन
सूरमान अली, जसीम, जमील, हसीम ड्राइवर, तवरेज, साबीर आलम, मो. कोचिन का घर नूना नदी में समा गया था। 12 वीं बार नूना नदी में पानी आने से हासीम, व मौसीम का घर नदी में समा गया।







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