Breaking News

बुखार में भी बेबस हैं ये अस्पताल!:सर्दी-खांसी की दवा भी अस्पताल में स्टॉक से गायब, स्टिच के धागे तक उपलब्ध नहीं

सरकार-सिस्टम के दावे अपनी जगह हैं लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी अस्पतालों में दवाएं गायब हैं। मरीजों को बाजार से ही दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। गंभीर बीमारियों की बात तो छोड़ ही दें, मामूली सर्दी-खांसी की दवाएं तक आउट ऑफ स्टॉक हैं। कुछ जगह यह बताया जा रहा है कि जरूरी कंपोजीशन की दवाएं विकल्प में उपलब्ध हैं तो कुछ जगह ये बताया जा रहा है कि दवाओं को मंगाने की प्रक्रिया चल रही है।

बांका के सदर अस्पताल का हाल ये है कि 93 प्रकार की दवाओं में मात्र 55 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। वहीं ओपीडी में 72 दवाओं में मात्र 48 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं। मामूली कैल्सियम, ग्लूकोनेट, आयरन की गोली तक उपलब्ध नहीं हैं। सदर अस्पताल में रोजाना करीब 300 मरीज इलाज के लिए आते हैं। मजबूरी में उन्हें बाजार से दवा खरीदनी होती है।

कटिहार में हार्ट अटैक की दवा नहीं है
कटिहार में भी अस्पतालों में दवाओं का संकट है। यहां दर्द व बुखार जैसी बीमारियों के लिए दवा तो उपलब्ध हैं लेकिन तमाम गंभीर बीमारियों की दवा नहीं हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि कुछ दवाएं एक ही तरह के कंपोजीशन की होती हैं सो जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। हार्ट अटैक जैसी बीमारी की स्थिति में मरीज को बाहर से ही दवाएं लेनी होती हैं।

खगड़िया सदर अस्पताल में एस्प्रिन भी नहीं
खगड़िया में भी अस्पतालों में जीवन रक्षक जरूरी दवाएं गायब हैं। सदर अस्पताल में हार्ट एटैक की मामूली दवा एस्प्रिन तक नहीं है। नियमानुसार स्टॉक में 124 तरह की दवाएं होनी चाहिए लेकिन मात्र 75 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं। जरूरी दवाएं लोगों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। लखीसराय सदर अस्पताल में ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी दी दवा भी उपलब्ध नहीं हैं।

जमुई सदर अस्पताल में मामूली घायलों को कर दिया जाता रेफर
जमुई में दवाओं की उपलब्धता का हाल बुरा है। सदर अस्पताल में स्टिच के लिए धागे तक उपलब्ध नहीं हैं। आलम यह है कि मामूली घायल मरीजों को सीधे पटना रेफर कर दिया जाता है। सदर अस्पताल में 154 तरह की दवाएं सप्लाई की जाती हैं। वर्तमान में 77 तरह की दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। अररिया सदर अस्पताल में कुल 118 प्रकार की दवाओं में केवल में 104 रोगियों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया है।

पूर्णिया मेडिकल काॅलेज में गैस, एलर्जी जैसी दवाएं भी नहीं मिलती
पूर्णिया में राजकीय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में मरीजों को साधारण दवाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। गैस, एलर्जी जैसी दवाएं भी लोगों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. वरुण कुमार ठाकुर ने कहा कि 74 में से 54 दवाएं स्टॉक में उपलब्ध हैं। कुछ जरूरी दवाएं खत्म हो गई हैं। सहरसा सदर अस्पताल में भी दवाओं का संकट है। 117 आवश्यक दवाओं में 72 दवाओं की उपलब्धता के बल पर अस्पताल चल रहा है।

कंटेंट इनपुट: जमुई से मुरली दीक्षित, लखीसराय से अभिनंदन, बांका से बिदुशेखर, खगड़िया से कुमार अनुज, कटिहार से शमशाद आलम, पूर्णिया से रविरोशन, अररिया से आमोद शर्मा।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.