प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली गंगा व बाया नदी के जलस्तर में गुरुवार को मामूली बढ़त हुई है। 12 घंटे में महज एक सेंटीमीटर की जल वृद्धि दर्ज की गई है। लोग पलायन करने लगे हैं। घर से बेघर हो गये हैं। लोग ऊंचे स्थलों पर शरण ले रहे हैं। पशुपालकों के समक्ष पशुचारे की समस्या बनी हुई है। पशुपालक किसान पानी में डूबे फसल को काटकर पशु को खिलाने को मजबूर हैं। बाढ़ के पानी में डूबे घरों के लोगो के समक्ष रहने व खाने पीने की समस्या बनी हुई है। कहां खाना बनाए एवं कहां रहे, यही समस्याएं खाई जा रही है। अभी तक सरकारी तौर नाव के सिवा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नाव का भी परिचालन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं की गई है। दुबहा पंचायत के तीन गांव मुख्यतः हजरतपुर, शरहद भैरो तथा अदलपुर गांव के डेढ़ सौ परिवारों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है। यहां सबकुछ ठीक ठाक नहीं है। दुबहा पंचायत के तीन गांव मुख्यतः हजरतपुर, शरहद भैरो तथा अदलपुर गांव के डेढ़ सौ परिवारों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है। इनके समक्ष करो या मरो की स्थिति है।
शरहद भैरो वार्ड नंबर -6 निवासी अशर्फी पासवान, बबलू पासवान, गणेश पासवान, गांधी पासवान, विजय पासवान तथा नागो पासवान बताते हैं कि अभी तक सरकारी तौर पर किसी प्रकार का कोई राहत कार्य शुरु नहीं किया गया है। बच्चे बूढ़े भूख से बिल बिला रहे हैं। न नाव की व्यवस्था की गई है, न ही किसी प्रकार की सहायता की जा रही है। हजरतपुर वार्ड नंबर -3 मिथलेश महतो, राम नरेश महतो आदि बताते हैं कि न तो रोटी की व्यवस्था हो रही है न पशुओं के चारे की।
आवश्यकता पड़ी तो और भी नाव की संख्या बढ़ाई जाएगी : सीओ
अदलपुर वार्ड नंबर-9 निवासी लालबाबू पासवान का बताना है कि सबसे बड़ी समस्या यातायात की हो गई है। सीओ प्रमोद कुमार रंजन की मानें तो अब तक एक नाव का परिचालन हो रहा था, शुक्रवार से चार और नाव दिया जा रहा है। आवश्यकता पड़ी तो और नाव की संख्या बढ़ाई जा सकती है। स्थानीय पंसस ललिता सिंह ने बताई की स्थिति पर हमारी नजर है। हर संभव सरकारी सहायता लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
मोहिउद्दीननगर प्रखंड के 15 से अधिक स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी
मोहिउद्दीननगर प्रखंड के 15 से ज्यादा स्कूलों में अबतक बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसमें से आधे से अधिक स्कूलों के शिक्षण व्यवस्था को निकट के दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर दिया गया है। बाकी स्कूलों में छात्रों को छुट्टी दे दी गई है। शिक्षकों को अपने ड्यूटी पर बने रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं रसोइयों को भी पूरे बाढ़ के पीरियड में ड्युटी पर बने रहने का निर्देश दिया गया । ताकि आवश्यकता पड़ने पर उससे ड्युटी लिया जा सके। प्रभावित स्कूलों में प्रा वि छोटकी पतसिया, प्रावि बढ़ई टोल, प्रावि घटहा टोल, प्रा वि सुलतानपुर पुरब, प्रावि महावीर स्थान चकला, प्रावि बदिया, प्रावि बाबा पट्टी चापर, प्रावि बाकरपुर, प्रावि अदलपुर तथा प्रावि हजरतपुर शामिल हैं।



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