बिहार सरकार में बुधवार को पूरे दिन ड्रामा के बाद आखिरकार देर रात कानून मंत्री से गन्ना मंत्री बने कार्तिकेय कुमार ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद कार्तिक कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया? क्या सरकार की तरफ से उन पर दबाव बनाया जा रहा था या फिर गन्ना विभाग को लेकर नाराजगी थी या फिर कुछ और? कार्तिकेय सिंह ने कहा है कि उन्होंने भाजपा से परेशान होकर इस्तीफा दिया है।
कार्तिकेय सिंह ने कहा कि मेरी वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नाम खराब हो, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। लोग उनको बुरा भला कहें यह बर्दाश्त नहीं। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया। अनंत सिंह के करीबी माने जाने वाले कार्तिकेय कुमार ने आगे कहा कि ताउम्र मेरे ऊपर इस केस के अलावा कोई दूसरा केस नहीं है। मैंने 27 सालों तक शिक्षक के रूप में सरकारी नौकरी की है। अनंत सिंह और उनके बड़े भाई से मेरे रिश्ते रहे हैं, इससे मैं इनकार नहीं करता हूं। उसी का फायदा उठाकर भाजपा हमारे नेता को बदनाम कर रही थी। भाजपा के रोज मीडिया ट्रायल से मैंने परेशान होकर इस्तीफा देना उचित समझा। उन्होंने कहा कि मैं अपने विभाग बदले जाने से नाराज नहीं था।
बिहटा में 8 साल पहले हुआ था अपहरण
बिहटा थाना में 8 साल पहले बिल्डर राजीव सिंह उर्फ राजू के अपहरण केस में गुरुवार को कार्तिकेय सिंह उर्फ मास्टर साहब की अग्रिम जमानत पर दानापुर कोर्ट में सुनवाई होनी है। ये वे इस केस में अप्राथमिकी अभियुक्त हैं।
BJP लगातार हमलावर
सत्ता से बाहर हुई BJP को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया। BJP फ्रंट पर आकर नीतीश सरकार के मंत्री को घेरने में जुट गई। BJP ने आरोप लगाया कि नई सरकार में जंगलराज की वापसी हो रही है। BJP नेता सुशील मोदी के अनुसार, महागठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल में बाहुबलियों की भरमार कर नीतीश कुमार ने बिहार में डरावने दिनों की वापसी सुनिश्चित कर दी है। सुशील मोदी लगातार ऐसे दागी मंत्रियों के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखे हुए है। अंत मे कार्तिकेय के इस्तीफे के बाद भाजपा की पहली जीत मानी जा रही है।
कौन हैं कार्तिकेय कुमार
2022 में ही कार्तिकेय सिंह उर्फ मास्टर साहब स्थानीय प्राधिकार से विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। बाहुबली अनंत सिंह के काफी करीबी माने जाने वाले कार्तिकेय ने स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की है। रुद्रावती हाई स्कूल मोकामा से 1980 में मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने इंटर किया और 1985 में आरआरएस काॅलेज मोकामा से कला विषय में स्नातक किया। सिवनार गांव के रहने वाले कार्तिकेय खेती, व्यवसाय के साथ ही समाज सेवा से जुड़े हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान राजद में आए। 2022 में विधान परिषद चुने गए और नीतीश कैबिनेट में मंत्री भी बन गए।






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