BPSC पीटी की परीक्षा 21 सितंबर को एक पाली में और एक ही शिफ्ट में होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुख्य सचिव आमिर सुबहानी और अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक में ये फैसला लिया गया है। अभ्यर्थियों ने इसे लेकर बुधवार को प्रदर्शन किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बैठक बुलाई थी। जिसमें ये फैसला लिया गया है।
बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन की बड़ी जीत हुई है। बैठक में आयोग के चेयरमैन ने पूरी स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ विमर्श किया गया है। बैठक में फैसला लिया गया कि बीपीएससी की पीटी परीक्षा पूर्व की तरह एक दिन और एक ही पाली में ली जाएगी।
इस बार 6 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी इसलिए सेंटर खोजने में दिक्कत हो रही
बता दें 8 मई को बीपीएससी पीटी की हुई परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से सभी सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। इसके बाद इसकी जांच चल रही है। कइयों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। बीपीएससी ने कई तरह के बदलाव भी किए हैं। इसी बदलाव के तहत आयोग ने दो दिनों 20 और 22 सितंबर को परीक्षा लेने का फैसला लिया है।
परसेंटाइल सिस्टम से रिजल्ट दिया जाएगा। आयोग का तर्क है कि इस बार छह लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हैं इसलिए सेंटर तलाशने में मुश्किल हो रही है। इसी कारण से दो दिन में यानी आधे अभ्यर्थी की एक दिन और आधे की दूसरे दिन परीक्षा ली जाएगी।
अभ्यर्थियों की 5 मांगे जानिए
लेकिन इसको लेकर कई तरह के सवाल अभ्यर्थियों के मन में हैं। विरोध के लिए सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया गया। जब आयोग ने अभ्यर्थियों की नहीं सुनी तो छात्र सड़क पर उतर रहे हैं। भास्कर ने वर्षों से बीपीएससी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे गुरु रहमान से बात की। उन्होंने अभ्यर्थियों की ओर से 5 आशंकाओं को गिनाया…
- बीपीएससी इस तरह के सिस्टम से पहली बार परीक्षा लेने जा रही है। किसी भी राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा इस तरह से संचालित नहीं हो रही है।
- वास्तविक अंक से छेड़छाड़ किया जाएगा। कोई बेहतर अंक लाकर भी बाहर हो जाएगा और कोई कम अंक लाकर भी पास हो जाएगा।
- मूल्यांकन की प्रक्रिया वास्तविक मार्क्स पर ना होकर आभासी मार्क्स पर होगी जो ठीक नहीं है।
- परसेंटाइल सिस्टम लागू होने से भ्रष्टाचार का एक और द्वार खुलेगा।
- ये परीक्षा अभी तक समानता के आधार पर होती आ रही थी, जो बुरी तरह प्रभावित होगी।



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